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JNU में हेल्थ सेंटर को लेकर बढ़ा विवाद, ABVP ने शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन

JNU Health Centre: जेएनयू में स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं को लेकर एबीवीपी ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन ने सुरक्षा कर्मियों पर कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

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जेएनयू में हेल्थ सेंटर को लेकर छात्रों का फूटा गुस्सा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

JNU Health Centre: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में स्वास्थ्य केंद्र की सुविधाओं को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे उसके कार्यकर्ताओं के साथ सुरक्षा कर्मियों ने धक्का-मुक्की की। इस घटना के विरोध में संगठन ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है। ABVP का कहना है कि छात्र लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपलब्धता और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर शिकायत कर रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के संबंध में संगठन के कार्यकर्ता स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे।

धक्का-मुक्की की गई और कार्यकर्ताओं को स्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाला गया

संगठन के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को जानकारी देने के बजाय उनके साथ धक्का-मुक्की की और स्वास्थ्य केंद्र से बाहर निकाल दिया। ABVP ने दावा किया है कि इस दौरान उसके कार्यकर्ता विकास पटेल, अभय और अनीमेष घायल हुए हैं। ABVP ने आरोप लगाया कि जब कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल पूछे तो उनसे "तुम कौन हो पूछने वाले?" जैसे शब्द कहे गए। संगठन का यह भी दावा है कि पहले भी स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े मामलों को लेकर छात्रों ने शिकायतें उठाई थीं।

'छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही'

ABVP ने स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं को बेहतर बनाने, जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करने और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही संगठन ने कथित धक्का-मुक्की के लिए जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। ABVP के जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल और मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। संगठन का कहना है कि जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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