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देश के ढाई दर्जन शहरों में मेट्रो चलाने की तैयारी, स्टेशन से घर तक पहुंचाएंगी सिटी बसें

देश में बस और मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए सरकार करीब ढाई दर्जन शहरों में मेट्रो चलाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही सिटी बसों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा, ताकि लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

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देश के ढाई दर्जन शहरों में मेट्रो चलाने की तैयारी

Photo : iStock

भारत में समय के साथ आबादी बढ़ती जा रही है, जिस ध्यान में रखते हुए सरकार अगले पांच साल के लिए अपना लक्ष्य तैयार कर रही है। सरकार के पांच साल के इस लक्ष्य में कई शहरों में मेट्रो रेल चलाना भी शामिल है। इस दौरान सिटी बसों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। मेट्रो और बसों के साथ हर शहरी क्षेत्रों के घर में पानी पहुंचाने और नए शहरों का विकास किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य लोगों को अधिक से अधिक सुविधा देना है।

ट्रांसपोर्टेशन को दिया जाएगा बढ़ावा

ट्रांसपोर्टेशन को और बेहतर बनाने के लिए सरकार 31 शहरों में मेट्रो रेल चलाने की योजना बना रही है। मेट्रो के साथ सिटी बसों में इजाफा करने की तैयारी की जा रही है। मेट्रो रेल की सेवा विभिन्न शहरों में बढ़ाने के लिए 1,900 किमी मेट्रो रेल नेटवर्क का खाका तैयार किया गया है। इसके साथ भारत विश्व में तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क बन जाएगा। मेट्रो रेल सेवा को और अधिक बढ़ाने के साथ सरकार ने सिटी बसों की संख्या 2029 तक बढ़ाकर 65,000 करने की तैयारी कर ली है। वर्तमान समय में सिटी बसों की संख्या केवल 39, 000 है। सरकार इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक बढ़ावा दे रही है। ऐसे में आने वाले समय में करीब 35 प्रतिशत सार्वजनिक वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों की मोबिलिटी को और बढ़ावा देने के लिए हर 2 किमी की दूरी पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की सुविधा दी जाएगी।

आठ ग्रीनफील्ड शहरों का होगा विकास

TOI की एक खबर के अनुसार, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने आने वाले 2 महीनों में करीब 8 शहरों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने का लक्ष्य बनाया है। बता दें कि वित्त आयोग ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 8 राज्यों को एक-एक शहर के विकास के लिए 8 करोड़ रुपये के अनुदान का प्रावधान किया है। जानकारी के अनुसार, मंत्रालय द्वारा एक राष्ट्रीय शहरी नीति ढांचा भी तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों पर नियोजित विकास और सुधारों को लागू करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहन देना होगा।

वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट मुख्य लक्ष्य

बताया जा रहा है की अगले पांच साल में शहरों और कस्बों के वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। इसमें केंद्र का लक्ष्य गंदे पानी से 100 प्रतिशत गंदगी को अलग करके साफ किया जाएगा। इस दौरान ताजे पानी की बढ़ती मांग को कम करने के लिए 40% साफ किए वेस्ट वॉटर को विभिन्न उद्देश्यों और कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकेगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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