Zerodha Forex Trading: स्टॉक ब्रोकिंग फर्म जेरोधा ने अपने ग्राहकों से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए नियमों का पालन करने के लिए 5 अप्रैल से पहले एफएक्स डेरिवेटिव पॉजिशन बंद करने के लिए कहा है। जेरोधा ने कहा है कि आरबीआई दिशानिर्देशों के अनुसार ट्रेडर्स को स्टॉक एक्सचेंज पर करेंसी डेरिवेटिव में ट्रेड करने के लिए अंडरलाइंग करेंसी में निवेश करना होता है। फर्म ने कहा है कि आरबीआई के नियमों का पालन करने के लिए 05 अप्रैल 2024 से पहले अपनी ओपन पॉजिशन को क्लोज कर लें।
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क्या होगा असर
जेरोधा के ऐलान के बाद संभावना जताई जा रही है कि इससे मार्केट के बहुत से ट्रेडर्स बाहर हो सकते हैं। इससे डेली करेंसी ट्रेडिंग की वैल्यू भी घट सकती है, जो फिलहाल 5 अरब डॉलर पहुंच रही है। 4 अप्रैल से लागू इस फैसले के बाद यूजर्स अपनी मौजूदा पॉजिशन से बाहर निकल सकते हैं लेकिन उन्हें करेंसियों में नई पॉजिशन लेने की अनुमति नहीं होगी।
जमा करना होगा डिक्लेरेशन फॉर्म
यदि यूजर्स नई पोजीशन लेना चाहते हैं, तो उन्हें डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करना होगा। यदि फॉरेन करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेड करना चाहते हैं तो आरबीआई ने ट्रेडर्स को अनिवार्य रूप से विदेशी करेंसी में अंडरलाइंग कॉन्ट्रैक्टेड एक्सपोजर रखना जरूरी कर दिया है।
जेरोधा के अनुसार 10 करोड़ डॉलर से अधिक एक्सपोजर वाले ट्रेडर्स के लिए, एक कस्टोडियन पार्टिसिपेंट या अथॉराइज्ड डीलर को डेजिगनेट करना अनिवार्य है। इसके उलट छोटे एक्सपोजर वाले लोगों के लिए, करेंसी ट्रेड घोषित करने वाला एक सिम्पल डिक्लेरेशन एक्सपोजर की हेजिंग के लिए पर्याप्त है।
डिस्क्लेमर : यहां पर केवल करेंसी ट्रेडिंग से जुड़ी जानकारी गई है, निवेश की सलाह नहीं। करेंसी ट्रेडिंग में जोखिम होता है, इसलिए निवेश से पहले एक्सपर्ट की राय लें।
