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सैलरी अकाउंट के ये फायदे नहीं जानते होंगे आप, बैंक भी नहीं बताता ये बातें

बैंक अक्सर इन फायदों को खुलकर नहीं बताते, लेकिन अगर आप जागरूक हैं, तो आप अपने इसी खाते से लाखों रुपये का लाभ उठा सकते हैं। जीरो बैलेंस की सुविधा से लेकर मुफ्त बीमा तक, आइए जानते हैं सैलरी अकाउंट के उन छिपे हुए फायदों के बारे में जो अक्सर आपको बैंक भी नहीं बताता है।

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Salary Account Benefit

ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए सैलरी अकाउंट का मतलब सिर्फ इतना होता है कि महीने की एक निश्चित तारीख को उसमें सैलरी जमा हो जाए और वे अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकें। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपका सैलरी अकाउंट सामान्य सेविंग्स अकाउंट (Savings Account) से कहीं ज्यादा ताकतवर होता है? बैंक अक्सर इन फायदों को खुलकर नहीं बताते, लेकिन अगर आप जागरूक हैं, तो आप अपने इसी खाते से लाखों रुपये का लाभ उठा सकते हैं। जीरो बैलेंस की सुविधा से लेकर मुफ्त बीमा तक, आइए जानते हैं सैलरी अकाउंट के उन छिपे हुए फायदों के बारे में जो अक्सर आपको बैंक भी नहीं बताता है।

जीरो बैलेंस की सुविधा

एक सामान्य बचत खाते में आपको हर महीने एक 'न्यूनतम बैलेंस' (Minimum Balance) बनाए रखना पड़ता है, ऐसा न करने पर बैंक भारी जुर्माना वसूलते हैं। लेकिन सैलरी अकाउंट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जीरो बैलेंस खाता होता है। यानी अगर आपके खाते में एक रुपया भी न रहे, तब भी बैंक आपसे कोई पेनल्टी नहीं ले सकता। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो महीने के अंत तक अपनी पूरी सैलरी खर्च कर देते हैं या पैसे दूसरे निवेश में लगा देते हैं।

मुफ्त दुर्घटना बीमा (Free Insurance Cover)

यह एक ऐसा फायदा है जिसके बारे में 90% लोगों को जानकारी नहीं होती। कई बैंक अपने सैलरी अकाउंट होल्डर्स को पर्सनल एक्सीडेंट कवर या एयर एक्सीडेंट कवर की सुविधा मुफ्त देते हैं। खाताधारक की मृत्यु या पूर्ण विकलांगता की स्थिति में परिवार को ₹1 लाख से लेकर ₹30 लाख तक (बैंक और कॉर्पोरेट टाइ-अप के आधार पर) का क्लेम मिल सकता है। इसके लिए आपको कोई प्रीमियम नहीं भरना पड़ता, बस आपका खाता सक्रिय होना चाहिए।

ओवरड्राफ्ट (Overdraft) की इमरजेंसी सुविधा

क्या कभी ऐसा हुआ है कि महीने के बीच में पैसे खत्म हो गए और कोई इमरजेंसी आ गई? ऐसे समय में आपका सैलरी अकाउंट काम आता है। कई बैंक अपने पुराने ग्राहकों को ओवरड्राफ्ट सुविधा देते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपके खाते में बैलेंस नहीं है, तब भी आप अपनी दो या तीन महीने की सैलरी के बराबर रकम बैंक से उधार ले सकते हैं। यह एक तरह का शॉर्ट-टर्म लोन है, जिस पर ब्याज केवल उतनी ही राशि और समय के लिए लगता है जितना आपने इस्तेमाल किया है।

लोन और क्रेडिट कार्ड पर खास छूट

बैंक के पास आपकी सैलरी का हर महीने रिकॉर्ड आता है, इसलिए वे आपको 'लो-रिस्क' ग्राहक मानते हैं। इसके चलते सैलरी अकाउंट होल्डर्स को पर्सनल लोन, होम लोन या कार लोन पर ब्याज दरों में छूट दी जाती है। इतना ही नहीं, प्रोसेसिंग फीस में भी भारी कटौती या पूरी माफी मिल सकती है। साथ ही, बैंकों की ओर से आपको 'प्री-अप्रूव्ड' क्रेडिट कार्ड के ऑफर भी दिए जाते हैं, जिनके लिए ज्यादा कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती।

फ्री चेकबुक, एटीएम और अन्य सेवाएं

सैलरी अकाउंट के साथ मिलने वाले डेबिट कार्ड पर अक्सर सालाना मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगता। इसके अलावा, आपको असीमित एटीएम ट्रांजेक्शन (Unlimited ATM Transactions), मुफ्त चेकबुक और डिमांड ड्राफ्ट (DD) जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। कई बैंक लॉकर चार्ज पर भी 25% से 50% तक की छूट देते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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