World Most Expensive Coffee : कॉफी दुनिया के सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से एक है और हर देश में इसकी अलग-अलग किस्में पसंद की जाती हैं। लेकिन जब बात दुनिया की सबसे महंगी कॉफी की आती है, तो सबसे पहले कोपी लुवाक (Kopi Luwak) का नाम लिया जाता है। यह कॉफी सिर्फ अपने स्वाद या खुशबू की वजह से नहीं, बल्कि इसे बनाने की अनोखी प्रक्रिया के कारण पूरी दुनिया में मशहूर है। दिलचस्प बात यह है कि यह कॉफी एशियन पाम सिवेट (Asian Palm Civet) नाम के बिल्ली जैसे दिखने वाले छोटे स्तनधारी जानवर के मल से प्राप्त कॉफी बीन्स से तैयार की जाती है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे दुर्लभ और लग्जरी कॉफी माना जाता है।
कैसे तैयार होती है कोपी लुवाक कॉफी?
कोपी लुवाक बनाने की प्रक्रिया सामान्य कॉफी से बिल्कुल अलग होती है। एशियन पाम सिवेट पके हुए कॉफी चेरी को खाता है। फल का गूदा तो उसके शरीर में पच जाता है, लेकिन अंदर मौजूद कॉफी बीन्स पूरी तरह नहीं पचते। इस दौरान सिवेट के पाचन तंत्र में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम बीन्स में मौजूद प्रोटीन को तोड़ देते हैं, जिससे कॉफी का कड़वापन कम हो जाता है और उसका स्वाद अधिक मुलायम बनता है। बाद में ये बीन्स सिवेट के मल के साथ बाहर निकलते हैं। इन्हें सावधानी से इकट्ठा किया जाता है, अच्छी तरह धोया जाता है, धूप में सुखाया जाता है और फिर भूनकर (रोस्ट करके) कॉफी पाउडर तैयार किया जाता है।
क्या यह कॉफी पीना सुरक्षित है?
पहली बार सुनने पर यह प्रक्रिया अजीब लग सकती है, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार अंतिम प्रोडक्ट पूरी तरह सुरक्षित होता है। बीन्स को कई चरणों में साफ किया जाता है और उच्च तापमान पर रोस्ट किया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया या हानिकारक तत्व खत्म हो जाते हैं। कॉफी से जुड़े एक्सपर्ट्स और कई निर्माताओं का कहना है कि सही तरीके से प्रोसेस की गई कोपी लुवाक कॉफी पूरी तरह हाइजीनिक होती है और पीने के लिए सुरक्षित मानी जाती है।
कीमत सुनकर हो जाएंगे हैरान
कोपी लुवाक दुनिया की सबसे महंगी कॉफी में गिनी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 20,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। भारत में इसका 100 ग्राम पैक 3,500 रुपये से 12,000 रुपये तक बिकता है। वहीं, अगर किसी लग्जरी कैफे या फाइव स्टार होटल में इसका स्वाद लेना चाहें तो एक कप की कीमत 2,000 से 5,000 रुपये तक हो सकती है। यही वजह है कि यह कॉफी आम लोगों की बजाय लग्जरी लाइफस्टाइल पसंद करने वालों की पहली पसंद मानी जाती है।
आखिर इतनी महंगी क्यों होती है यह कॉफी?
कोपी लुवाक की ऊंची कीमत के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण इसकी सीमित उपलब्धता है। एक सिवेट से बहुत कम मात्रा में ही उपयोग योग्य कॉफी बीन्स प्राप्त हो पाते हैं। इसके अलावा, बीन्स को इकट्ठा करने, साफ करने, सुखाने और रोस्ट करने की पूरी प्रक्रिया में काफी समय और मेहनत लगती है। यही वजह है कि इसका उत्पादन सीमित रहता है, जबकि इसकी मांग दुनिया भर में बनी रहती है। कम सप्लाई और ज्यादा मांग के कारण इसकी कीमत सामान्य कॉफी की तुलना में कई गुना अधिक होती है।
स्वाद और खुशबू बनाती है इसे खास
कोपी लुवाक कॉफी का स्वाद पारंपरिक कॉफी से अलग माना जाता है। कॉफी एक्सपर्ट्स के अनुसार इसमें सामान्य कॉफी की तुलना में कड़वाहट कम होती है और इसका फ्लेवर अधिक स्मूद, मुलायम और संतुलित होता है। इसकी सुगंध भी काफी समृद्ध और लंबे समय तक रहने वाली बताई जाती है। यही कारण है कि कई लोग इसे बिना चीनी या दूध मिलाए पीना पसंद करते हैं, ताकि इसका असली स्वाद महसूस किया जा सके।
नैतिकता पर भी उठते रहे हैं सवाल
हालांकि कोपी लुवाक अपनी अनोखी प्रक्रिया के कारण मशहूर है, लेकिन इसके उत्पादन को लेकर समय-समय पर पशु कल्याण से जुड़े सवाल भी उठते रहे हैं। कई संगठनों का कहना है कि कुछ स्थानों पर अधिक उत्पादन के लिए सिवेट जानवरों को पिंजरों में रखकर जबरन कॉफी चेरी खिलाई जाती है, जिससे उनकी सेहत और प्राकृतिक व्यवहार प्रभावित होता है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अगर कोई कोपी लुवाक खरीदना चाहता है, तो उसे केवल प्रमाणित और एथिकल प्रोडक्ट्स को ही प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि गुणवत्ता के साथ पशु कल्याण का भी ध्यान रखा जा सके।
