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महिला उद्यमियों को बिना गारंटी के मिलेगा 90 प्रतिशत तक लोन, MSME मंत्री जीतन राम मांझी ने किया ऐलान

CGTMSE Scheme: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी कहा कि महिला उद्यमियों के लिए बैंकों से किसी गारंटी के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को CGTMSE योजना के तहत अब 90 प्रतिशत तक लोन मिलेगा।

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सरकार दे रही है बिना गारंटी के लोन

CGTMSE Scheme: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार को कहा कि महिलाओं की अगुवाई वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को CGTMSE योजना के तहत अब 90 प्रतिशत तक कर्ज बिना किसी गारंटी के ही मिल सकेगा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री मांझी ने मीडिया से कहा कि CGTMSE के निदेशक मंडल ने इस संबंध में नए दिशानिर्देशों को पिछले सप्ताह मंजूरी दी। इस निर्णय से महिलाओं की अगुवाई वाले 27 लाख MSME को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह महिला उद्यमियों के लिए बैंकों से किसी गारंटी के बगैर दिए जाने वाले लोन तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (CGTMSE) के निदेशक मंडल के फैसले से पहले महिला स्वामित्व वाली इकाइयां 85 प्रतिशत लोन गारंटी कवरेज पाने की हकदार थीं। मांझी ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में अपने मंत्रालय की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए कहा कि ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ का एक साल पूरा होने पर 20 सितंबर को महाराष्ट्र के वर्धा में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के भी शामिल होने की उम्मीद है।

MSME मंत्री ने कहा कि 5.07 करोड़ MSME को अब संगठित रूप दिया जा चुका है। इससे 21 करोड़ नौकरियों का सृजन हुआ है। MSME मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत पिछले 100 दिनों में कई मंजूरियां दी गई हैं। इसके तहत 3,148 करोड़ रुपये के लोन वितरण के साथ 26,426 नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित किए गए हैं। इस कदम से 2.11 लाख से अधिक लोगों के लिए आय एवं रोजगार उत्पन्न होने और ग्रामीण एवं शहरी उद्यमशीलता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मांझी ने कहा कि MSME मंत्रालय 2,800 करोड़ रुपये के निवेश से नागपुर, पुणे और बोकारो सहित देश भर में 14 टैक्नोलॉजी केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि ये केंद्र सार्वजनिक-निजी भागीदारी में स्थापित किए जाएंगे और स्थानीय MSME को उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास व व्यापार सलाहकार सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि टैक्नोलॉची केंद्रों के गठन से एक लाख MSME की पहुंच टैक्नोलॉजी तक बन पाएगी और अगले 5 वर्षों में तीन लाख युवाओं को ट्रेंड किया जाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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