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Windfall Tax: खत्म होगा पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स, क्या सस्ता होगा फ्यूल? Reliance-ONGC को फायदा

Windfall Tax: सितंबर में भारत सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को खत्म करने की घोषणा की थी, जो अगस्त में 1,850 रुपये प्रति टन था। डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को भी समाप्त कर दिया गया।

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पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर नहीं लगेगा विंडफॉल टैक्स

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • खत्म होगा विंडफॉल टैक्स
  • पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर नहीं लगेगा
  • Reliance-ONGC को होगा फायदा

Windfall Tax: सरकार ने सोमवार को ऐलान किया है कि कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF), कच्चे तेल उत्पादों, पेट्रोल और डीजल उत्पादों पर विंडफॉल टैक्स को खत्म कर दिया जाएगा। इस कदम से तेल कंपनियों रिलायंस और ONGC को राहत मिलेगी, क्योंकि इस फैसले से उनके ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन में बढ़ोतरी हो सकती है। मगर इससे पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की संभावना नहीं है। विंडफॉल टैक्स घरेलू कच्चे तेल उत्पादन पर एक स्पेशल शुल्क है, जिसे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बाद जुलाई 2022 में लागू किया गया था। इसका मकसद उत्पादकों द्वारा कमाए जाने वाले अप्रत्याशित लाभ में से रेवेन्यू हासिल करना है।

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तेल कंपनियों को बड़ा मुनाफा

सितंबर में भारत सरकार ने कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स को खत्म करने की घोषणा की थी, जो अगस्त में 1,850 रुपये प्रति टन था। डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को भी समाप्त कर दिया गया।

रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत और क्रेमलिन पर पश्चिम के प्रतिबंधों के दौरान, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के नतीजे में तेल कंपनियों को जोरदार लाभ हुआ था। इस मुनाफे ने ऐसा माहौल बनाया जहाँ तेल कंपनियों ने एक झटके में बड़ा मुनाफा कमाया।

कई देश लगाते हैं ये टैक्स

तेल कंपनियों को हुए मुनाफे के जवाब में, कई अन्य देशों की तरह भारत ने घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों और निर्यातकों पर विंडफॉल टैक्स लगाने का फैसला लिया। इस कदम का मकसद घरेलू कच्चे तेल उत्पादकों और निर्यातकों पर विंडफॉल टैक्स लगाकर सरकार के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू जनरेट करना था।

इस कदम का मकसद इन असाधारण मुनाफों पर टैक्स लगाकर सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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