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ITR Filing Deadline : क्या 15 सितंबर से आगे बढ़ेगी आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन? नहीं भरा तो कितनी लगेगी पेनल्टी

अभी तक CBDT की ओर से 15 सितंबर के बाद डेडलाइन बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि कई पेशेवर संगठनों जैसे कि बीसीएएस, RTCA, और फ़ेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स ने तकनीकी दिक्कतों, नवम्बर-दशहरे की छुट्टियों और बदलते नियमों की वजह से इसे बढ़ाने की मांग की है । लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अब ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स समय से ही फाइल कर रहे हैं ।

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ITR Filing Deadline

इस साल वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई की जगह बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी गई है। यह राहत उन्हीं टैक्सपेयर्स के लिए है, जो ऑडिट की ज़िम्मेदारी से मुक्त हैं जैसे कि ITR-1 से ITR-4 फाइल करने वाले सैलरीड लोग और छोटे व्यवसायी । इस फैसले का उद्देश्य समय लेकर सही तरीके से रिटर्न फाइल करना था, क्योंकि इस साल ITR फॉर्म्स और ई-फाइलिंग यूटिलिटीज़ की रिहाई काफी लेट हुई ।

क्या डेडलाइन को फिर से बढ़ाया जाएगा?

अभी तक CBDT की ओर से 15 सितंबर के बाद डेडलाइन बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि कई पेशेवर संगठनों जैसे कि बीसीएएस, RTCA, और फ़ेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स ने तकनीकी दिक्कतों, नवम्बर-दशहरे की छुट्टियों और बदलते नियमों की वजह से इसे बढ़ाने की मांग की है । लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अब ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स समय से ही फाइल कर रहे हैं ।

डेडलाइन चूक जाने पर क्या पेनल्टी लगेगी?

यदि आप 15 सितंबर के बाद ITR फाइल करते हैं, तो यह अब लेट फाइलिंग माना जाएगा। ऐसी स्थिति में निम्न पेनल्टी और ब्याज लागू होंगे

  • Section 234A (ब्याज): अगर आपने टैक्स का पूरा भुगतान समय पर नहीं किया, तो देरी के दिनों के अनुसार प्रति माह 1% का ब्याज लगेगा ।
  • Section 234F (लेट फीस):
  • अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है → ₹1,000 तक
  • अगर ₹5 लाख से अधिक है → ₹5,000 तक ।
  • साथ ही, यदि आप किसी प्रकार के नुकसान को अगले वर्ष में सेट ऑफ करना चाहते हैं, तो वह लाभ भी खो सकते हैं, क्योंकि लेट फाइलिंग पर ऐसी सुविधा नहीं मिलती ।

क्या अभी भी दायर कर सकते हैं रिटर्न?

15 सितंबर के बाद भी आप 31 दिसंबर 2025 तक बिलेटेड रिटर्न (belated return) दाखिल कर सकते हैं, लेकिन पेनल्टी और ब्याज लागू होने के साथ ।

टैक्सपेयर्स को क्या सलाह दी जा रही है?

विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि काम को आखिरी मिनट तक न टालें। पोर्टल पर अवरक्त ट्रैफिक और तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से समय रहते फाइल करना बेहतर रहेगा। इससे पेनल्टी से बचने, रिफंड जल्दी मिलने और मानसिक राहत मिलती है ।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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