Retrospective Tax: वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद के तहत लॉ कमिटी ने जीएसटी एक्ट में संशोधन की सिफारिश की है ताकि कानून की व्याख्या या स्पष्टता की कमी के कारण कम टैक्स का भुगतान करने वाले उद्योगों को टैक्स नोटिस जारी किए जा सके। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी परिषद द्वारा इस सिफारिश को मंजूरी दे दी जाती है तो इससे ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री सहित कई उद्योगों को राहत मिल सकती है, जो रिट्रोसपेक्टिव टैक्स नोटिस से राहत की मांग कर रहे थे। इस सिफारिश को जीएसटी परिषद के समक्ष रखा जा सकता है और एक बार मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को भेजे गए बड़ी संख्या में नोटिसों को रद्द करने का रास्ता साफ हो जाएगा। लॉ कमिटी ने कानून में एक नई धारा 11A की शुरूआत के माध्यम से केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) एक्ट 2017 में संशोधन का सुझाव दिया है।
GST परिषद के एजेंडे का हिस्सा है प्रस्तावित संशोधन
नए प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक जो जीएसटी परिषद के एजेंडे का हिस्सा है, यह धारा केंद्र सरकार को ‘सामान्य व्यवहार के परिणामस्वरूप लगाए गए या कम लगाए गए जीएसटी को वसूल न करने का अधिकार देगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे उन्हें रिट्रोसपेक्टिव प्रभाव से लगाई गई टैक्स डिमांड को रद्द करने की अनुमति मिल जाएगी। हालांकि संशोधन में अधिक भुगतान किए गए टैक्स के लिए कोई राहत नहीं दी गई है क्योंकि कंपनियां इन प्रथाओं के कारण भुगतान किए गए किसी भी अतिरिक्त जीएसटी के लिए रिफंड का दावा नहीं कर सकती हैं।
GST परिषद की बैठक में हो सकता है फैसला
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद 22 जून को आठ महीने के अंतराल के बाद बैठक करेगी और ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर 28% जीएसटी के कार्यान्वयन की समीक्षा करने पर भी निर्णय लेने की संभावना है।
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सबसे अधिक टैक्स चोरी का नोटिस
वस्तु एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (DGGI) ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1.98 लाख करोड़ रुपये की टैक्स चोरी से जुड़े 6,323 मामलों का पता लगाया है, जिनमें से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को सबसे अधिक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी के नोटिस मिले हैं।
