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सोने से 10 गुना ज्यादा आयात, फिर PM Modi ने क्यों नहीं की चांदी खरीद घटाने की अपील?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोना कम खरीदने की अपील की, लेकिन सोने की तुलना में 10 गुना ज्यादा आयात होने वाली चांदी को लेकर कुछ नहीं कहा, आखिर चांदी में ऐसा क्या है?

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सोन पर नहीं, चांदी पर हां क्यों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोने की खरीद घटाने की अपील ने बाजार में हलचल मचा दी। हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि PM Modi ने चांदी को लेकर कोई संदेश नहीं दिया। जबकि, चांदी का आयात सोने से करीब 10 गुना तक ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विदेशी मुद्रा भंडार बचाना है, तो क्या उसमें चांदी की खरीद घटाने से कोई असर नहीं पड़ेगा।

सोने से 10 गुना ज्यादा आयात हुई चांदी

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने करीब 721 टन सोना और 7,334 टन से ज्यादा चांदी आयात की। यानी मात्रा के हिसाब से चांदी का आयात सोने से 10 गुना ज्यादा रहा। इसके बावजूद सरकार ने चांदी की खरीद कम करने की कोई अपील नहीं की। इस दौरान सोने के आयात पर 71.98 अरब डॉलर और चांदी के आयात पर 12.1 अरब डॉलर खर्च हुए।

सोना क्यों बना सरकार की चिंता

असल में सरकार की चिंता सोना या चांदी नहीं, विदेशी मुद्रा भंडार है। चूंकि सोना चांदी की तुलना में महंगा होता है। यही वजह है कि जब व्यापक प्रभाव को देखा जाता है, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर सोने का आयात ज्यादा दबाव डालता है। इसके अलावा सोने का इस्तेमाल अधिकतर निवेश या आभूषण के रूप होता है, लिहाजा सोना आने के बाद तिजोरियों में बंद रहता है। इस तरह किसी तरह के उत्पादन या रोजगार में इसका सीधा फायदा नहीं मिलता।

चांदी अब सिर्फ गहनों की धातु नहीं

चांदी के आयात को लेकर पहले ही DGFT ने कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसके अलावा चांदी असल में भारत की औद्योगिक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। भारत के 500 GW ग्रीन एनर्जी लक्ष्य में भी चांदी की बड़ी भूमिका है।

क्यों नहीं की चांदी पर अपील

अगर सरकार चांदी की खरीद घटाने की अपील करती, तो इसका असर सीधे सोलर और EV सेक्टर पर पड़ सकता था। इससे मेक इन इंडिया, PLI स्कीम और नेट जीरो मिशन प्रभावित होते। यही वजह है कि सरकार ने सोने और चांदी को अलग नजरिए से देखा। इसके अलावा दोनों के आयात में होने वाले खर्च में भी बड़ा अंतर है। जहां करीब सोने के आयात पर 70 अरब डॉलर के करीब खर्च हुए। वहीं, 10 गुना ज्रूादा चांदी 12 अरब डॉलर में आई। यही वजह है कि पीएम मोदी ने चांदी की खरीद घटाने को लेकर कोई अपील नहीं की है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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