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We Work Bankruptcy: कभी 4 लाख करोड़ की थी कंपनी, आखिर अब दिवालिया होने की क्यों आई नौबत?

We Work Bankruptcy: अमेरिका की एक ऐसी कंपनी जिसने भारत में ऑफिस स्पेस के लिए एक बड़ा जाल बना रखा है। वह अब दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुकी है। हाल ही कंपनी ने इसके लिए आवेदन भी किया है।

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कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने तथा बही-खाते को दुरुस्त करने के लिए व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया शुरू की है।

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We Work Bankruptcy: कभी वॉल स्ट्रीट की बड़ी कंपनियों में शुमार रही वैश्विक कोवर्किंग कंपनी वीवर्क (wework global) ने अमेरिका में दिवाला संरक्षण के लिए आवेदन किया है। कोवर्किंग से आशय एक ही स्थान पर कई कंपनियों के लिए ऑफिस से है। वीवर्क दुनिया की प्रमुख कोवर्किंग कंपनियों में आती है।

अमेरिका और कनाडा के बाहर के सेंटर्स नहीं होंगे शामिल

वीवर्क ने दिवाला संरक्षण के चैप्टर 11 के तहत यह आवेदन किया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने तथा बही-खाते को दुरुस्त करने के लिए व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया शुरू की है। न्यूयॉर्क एक्सचेंज में सूचीबद्ध वीवर्क ने कहा है कि अमेरिका और कनाडा के बाहर स्थित उसके केंद्र इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। सॉफ्टबैंक समर्थित वीवर्क इंक का बाजार मूल्यांकन कभी 47 अरब डॉलर था। चालू साल की पहली छमाही में कंपनी को 69.6 करोड़ डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ है।

वीवर्क इंडिया का किसके पास है मालिकाना हक

वीवर्क इंडिया का स्वामित्व बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी एम्बैसी ग्रुप के पास है। उसने कहा है कि वैश्विक स्तर पर घटनाक्रम का भारतीय कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा। वीवर्क के देशभर में 50 से अधिक केंद्र हैं। वीवर्क इंडिया में एम्बैसी ग्रुप की 73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष 27 प्रतिशत हिस्सेदारी वीवर्क ग्लोबल के पास है। वीवर्क ग्लोबल ने जून, 2021 में वीवर्क इंडिया में 10 करोड़ डॉलर का निवेश किया था। वीवर्क ने दिवाला आवेदन में कहा है कि वह कुछ ऐसे गंतव्यों पर लीज को रद्द करना चाहती है, जो इसके लिए अब परिचालन महत्व के नहीं रह गए हैं। कंपनी ने सोमवार को कहा कि सभी प्रभावित सदस्यों को इसके बारे में अग्रिम नोटिस भेज दिया गया है।

TNN Business Desk
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