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Why Crypto Market is down: क्रिप्टो खूब दिखा थी रही तेवर, अब हुई टाय टाय फुस्स; अमेरिका में हुए इस फैसले ने पलटी बाजी

Why Crypto Market is down: बिटकॉइन और एथीर में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई, जब अमेरिकी टैरिफ की घोषणा ने वैश्विक व्यापार चिंताओं को और बढ़ा दिया। ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको और चीन से आयात पर नई टैरिफ लगाने की घोषणा की, जिससे बाजार में अस्थिरता आई। निवेशक चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि इससे आर्थिक बढ़ोतरी प्रभावित हो सकती है। फिलहाल, बिटकॉइन का सपोर्ट लेवल 90,000 डॉलर के आसपास है और इसके नीचे गिरने पर 80,000 डॉलर तक गिरावट हो सकती है।

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रविवार को बिटकॉइन में 7% की गिरावट आई

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • बिटकॉइन और एथर में बड़ी गिरावट, नए अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव।
  • ट्रंप के टैरिफ से वैश्विक व्यापार तनाव बढ़े, निवेशकों में चिंता।
  • लंबी अवधि में सकारात्मक संभावनाएं।

Why Crypto Market is down: सोमवार को बिटकॉइन और एथर की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई। इसके पीछे की बड़ी वजह वैश्विक व्यापार चिंताएं और अमेरिकी टैरिफ की घोषणा रही और इसने बाजार को हिला दिया। बिटकॉइन की कीमत शुरुआती एशियाई ट्रेडिंग में 94,476.18 डॉलर (करीब 82,36,485 रुपये) तक गिर गई और बाद में 91,441.89 डॉलर (करीब 7971954 रुपये) तक तीन हफ्ते का लो लेवल तक पहुंच गई। वहीं, एथर में 24% की गिरावट आई और यह 2,494.33 डॉलर (करीब 217428 रुपये) पर ट्रेड कर रही थी। यह इसके पिछले सितंबर के बाद का सबसे लो लेवल था।

अमेरिकी टैरिफ से बाजार पर असर

रविवार को बिटकॉइन में 7% की गिरावट आई और यह 93,768.66 डॉलर (करीब 8174803 रुपये) पर आ गया। 20 सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी को ट्रैक करने वाले CoinDesk 20 इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली। यह 19% तक फिसल गया, जबकि एथर में 20% की गिरावट आई, जो नवंबर के बाद का सबसे निचला स्तर था।

यह गिरावट राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा, मेक्सिको और चीन से आयात पर नई टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद आई। इस घोषणा के मुताबिक, कनाडा और मेक्सिको से आयात पर 25% टैरिफ और चीन से आयात पर 10% टैरिफ लागू होंगे। यह कदम 1.6 ट्रिलियन डॉलर के बिजनेस को प्रभावित करेगा।

निवेशक भावना और बाजार की प्रतिक्रिया

इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि पेप्परस्टोन के रिसर्च प्रमुख क्रिस वेस्टन के मुताबिक "क्रिप्टो वास्तव में एकमात्र तरीका है जिससे जोखिम को व्यक्त किया जा सकता है और ऐसी खबरों पर क्रिप्टो एक जोखिम के प्रॉक्सी के रूप में काम करता है।" निवेशक चिंतित हैं कि व्यापारिक संघर्षों के चलते आर्थिक बढ़ोतरी कमजोर हो सकती है, कॉर्पोरेट आय पर असर पड़ सकता है और मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी हो सकती है। बिटकॉइन 20 जनवरी में 107,071.86 के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंची थी। इसी दिन ट्रंप राष्ट्रपति बने थे। चुनाव के बाद बिटकॉइन ने 40% की बढ़त हासिल की थी, क्योंकि निवेशक उम्मीद कर रहे थे कि ट्रंप प्रशासन क्रिप्टो-फ्रेंडली नियम बनाएगा।

नियामक अपेक्षाएं और निराशा

हालाँकि, ट्रंप के चुनाव के बाद कुछ निवेशक नियामक बदलावों की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन तत्काल कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जिससे निवेशक थोड़े निराश हुए। पिछले महीने, ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित नए नियम बनाने और एक राष्ट्रीय क्रिप्टो स्टॉकपाइल की योजना बनाने के लिए एक कार्य समूह बनाने का निर्देश दिया था।

लंबी अवधि में बिटकॉइन के लिए पॉजिटिव संकेत

बिटवाइज एसेट मैनेजमेंट के हेड ऑफ अल्फा स्ट्रैटेजीज, जेफ पार्क ने कहा, "एक स्थायी टैरिफ युद्ध बिटकॉइन के लिए लंबी अवधि में शानदार होगा, क्योंकि इससे डॉलर और अमेरिकी दरों में कमजोरी आ सकती है।"

सपोर्ट लेवल और भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषक बिटकॉइन के लिए $90,000 के समर्थन स्तर पर नजर रख रहे हैं। यदि बिटकॉइन इस स्तर से नीचे गिरता है, तो $80,000 तक गिरावट हो सकती है। ऐतिहासिक रूप से, क्रिप्टो ट्रेडर्स को बुल मार्केट में 30% की गिरावट देखने को मिलती है। हालांकि, बिटकॉइन को मुद्रास्फीति और आर्थिक अस्थिरता से बचाव के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसका तत्काल मार्ग व्यापक बाजार प्रवृत्तियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से प्रभावित रहेगा।

डिस्क्लेमर : यहां क्रिप्टोकरेंसी में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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