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कौन हैं स्मित मच्छार, कारोबारी परिवार से रिश्ता, इंजीनियरिंग की पढ़ाई, फिर कैसे बने पायलट?

फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन स्मित मच्छार की आज दुनियाभर में चर्चा है। मच्छार का पायलट बनने का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। एक कारोबारी परिवार से रिश्ता रखने वाले मच्छार कैसे पायलट बने, जानें पूरी कहानी।

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दिलचस्प है स्मित मच्छार की कहानी

Who is Smit Machhar : दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई (Flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर, 2026 को कॉकपिट में हुई घटना के बाद कैप्टेन स्मित मच्छार का नाम दुनियाभर में सुर्खियों में है। लेकिन इस घटना से पहले भी स्मित मच्छार का एविएशन करियर काफी लंबा रहा है। करीब डेढ़ दशक के कमर्शियल एविएशन करियर वाले मच्छार का मुंबई से नाता बताया जाता है। वे Boeing 737 फैमली के अनुभवी कैप्टन हैं और लंबे समय तक SpiceJet से जुड़े रहे हैं।

पायलट बनना बचपना का सपना नहीं

अक्सर पायलट बनना बचपन का सपना होता है। लेकिन, स्मित मच्छार इस मामले में अपवाद हैं। ये खुद उन्होंने एक पॉडकास्ट में बताया वे बचपन में कभी पायलट बनना नहीं चाहते थे। चूंकि एक कारोबारी परिवार से जुड़े हैं, लिहाजा बड़े होकर परिवार के कारोबार को ही बड़ा करना उनका सपना था। इसी वजह से स्कूल के बाद उन्होंने Textile Engineering की पढ़ाई की, क्योंकि उनका फैमिली बिजनेस टैक्सटाइल से जुड़ा था। इसके बाद बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान करीब 19 साल की उम्र में एक एविएशन सेमिनार में गए, जहां उन्होंने कमर्शियल पायलट के तौर पर करियर बनाने का फैसला किया।

मां को होने लगी थी चिंता

मच्छार बताते हैं कि जब उन्होंने बताया कि वे पायलट बनना चाहते हैं, तो उनकी मां को काफी चिंता होने लगी थी। लेकिन, पिता ने उन्हें करियर चुनने और ट्रेनिंग का रास्ता खुद तलाशने की आजादी दी। मच्छार बताते हैं कि जब उन्होंने ट्रेनिंग ली थी, तो पूरी ट्रेनिंग की लागत करीब ₹16–17 लाख थी, जिसका खर्च आज ₹80 लाख से ऊपर जा सकता है।

कहां से ली पायलट बनने की ट्रेनिंग?

एविएशन में करियर बनाने के लिए मच्छार ने न्यूजीलैंड (New Zealand) में ट्रेनिंग ली। मच्छार का कहना है कि जब पायलट बनने के लिए वे न्यूजीलैंड गए, तब तक उन्होंने एक पैसेंजर के तौर पर भी बहुत कम उड़ान भरी थी।

पायलट के तौर पर बेंगलुरु से दिल्ली पहली उड़ान

मच्छार बताते हैं कि ट्रेनिंग के दौरान एक पायलट के तौर पर उन्होंने पहली उड़ान बेंगलुरु से दिल्ली के बीच भरी थी। मच्छार कहते हैं कि पहली ही फ्लाइट में उन्हें उड़ान भरने के रोमांच से ज्यादा जिम्मेदारी का दबाव महसूस हुआ, क्योंकि वे प्रोबेशन में थे और उनके साथ एक सीनियर एक्जामिनर मौजूद था। लिंक्डइन प्रोफाइल और दूसरी उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों के मुताबिक मच्छार की Boeing 737 टाइप रेटिंग FSTC, मानेसर, गुरुग्राम से हुई। यानी CPL फ्लाइंग ट्रेनिंग न्यूजीलैंड में और Boeing 737 की एयरक्राफ्ट स्पेसिफिक ट्रेनिंग भारत में हुई।

SpiceJet से शुरू हुआ एविएशन करियर

स्मित मच्छार ने जून 2011 में SpiceJet से एविएशन करियर की शुरुआत की और करीब 11 साल के दौरान वह सीनियर कमांडर तक पहुंचे। बाद में लाइन ट्रेनिंग कैप्टन भी रहे। इस भूमिका में उन्होंने दूसरे पायलट्स को ट्रेनिंग दी और उनका एसेसमेंट भी किया। SpiceJet में उन्होंने 6,400 से ज्यादा घंटे पायलट इन कमांड के तौर पर उड़ान भरी। वहीं, उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने Boeing 737 एयरक्राफ्ट के साथ करीब 9,750 फ्लाइंग आवर्स का अनुभव है। इसमें B737-800 और B737 MAX 8/9 शामिल हैं।

2022 में Flydubai पहुंचे

SpiceJet में कमांड और ट्रेनिंग का लंबा अनुभव हासिल करने के बाद जून 2022 में उन्होंने Flydubai जॉइन की, जहां उन्हें डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर नियुक्त किया गया। मच्छार के प्रोफेशनल प्रोफाइल में Boeing 737 ऑपरेशन के साथ क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट, फ्लाइट स्टैंडर्ड, रेगुलेटरी कंप्लायंस, पायलट एसेसमेंट और मेंटरिंग का अनुभव भी बताया है।

कितनी मिलती है सैलरी?

स्मित मच्छार की सैलरी की डिटेल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हालांकि, उन्होंने एक पॉडकास्ट में भारत के एविएशन सेक्टर में पायलट्स की सैलरी का अंदाजा देते हुए बताया था कि नए पायलट की शुरुआती सैलरी करीब ₹2–2.5 लाख प्रति महीने हो सकती है। वहीं, सीनियर फर्स्ट ऑफिसर करीब ₹4–4.5 लाख और कैप्टन लेवल पर कमाई ₹6 से 10 महीने की सैलरी मिल सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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