दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल एप्पल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) सबीह खान की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। बहुत कम लोग जानते हैं कि एप्पल जैसे ग्लोबल ब्रांड के टॉप पद पर बैठे सबीह खान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपने टैलेंट और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।
सबीह खान का जन्म साल 1966 में मुरादाबाद की पॉश कॉलोनी सिविल लाइन्स में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने मुरादाबाद के सेंट मैरी स्कूल से की, जहां उन्होंने पांचवीं कक्षा तक शिक्षा हासिल की। बचपन से ही उनका स्वभाव बेहद शांत और साधारण रहा। वे ज्यादा दोस्त नहीं बनाते थे और पढ़ाई पर खास ध्यान देते थे। यही अनुशासन आगे चलकर उनकी सफलता की नींव बना।
सबिह के परिवार में कौन कौन?
परिवार की बात करें तो सबीह खान का परिवार शुरू से ही आर्थिक रूप से मजबूत रहा है। उनके पिता भी पेशे से इंजीनियर थे, जिस वजह से शिक्षा और करियर को लेकर घर में हमेशा सकारात्मक माहौल रहा। बाद में सबीह अपने माता-पिता के साथ सिंगापुर शिफ्ट हो गए, जहां उन्होंने अपनी आगे की स्कूली शिक्षा पूरी की। यहीं से उनका अंतरराष्ट्रीय सफर शुरू हुआ।
भले ही सबीह खान लंबे समय से विदेश में रह रहे हों, लेकिन मुरादाबाद से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटा। उनके रिश्तेदार बताते हैं कि वे समय-समय पर मुरादाबाद आते रहे हैं और सभी से बेहद सादगी और अपनापन के साथ मिलते रहे हैं। करीब 16 साल पहले वे एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए सिंगापुर से मुरादाबाद आए थे। उस दौरान पुराने दोस्तों और परिवार वालों से उनकी मुलाकात हुई थी, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।
सबीह खान के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं। उनके दो छोटे भाई भी विदेश में रहते हैं। शमी खान लंदन में बसे हुए हैं, जबकि सलमान खान सिंगापुर में रहते हैं। मुरादाबाद में उनके कुछ रिश्तेदार आज भी सिविल लाइन्स के उसी मकान में रहते हैं। परिवार के लोग यहां एक इंग्लिश मीडियम स्कूल और एक होटल का संचालन करते हैं, हालांकि सबीह खान की निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं की जाती।
कितनी है सैलरी?
हाल ही में एप्पल ने अपने टॉप अधिकारियों की सैलरी का खुलासा किया, जिसमें सबीह खान का नाम सुर्खियों में आ गया। कंपनी की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, साल 2025 में सबीह खान को कुल 234 करोड़ रुपये की सैलरी मिली। यह न सिर्फ उनकी जिम्मेदारी का स्तर दिखाता है, बल्कि एप्पल में उनकी अहम भूमिका को भी दर्शाता है।
मुरादाबाद जैसे शहर से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी के शीर्ष पद तक पहुंचने वाले सबीह खान आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत, अनुशासन और दूरदर्शिता हो, तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।
