बिजनेस

कौन हैं ग्रेग एबेल? ऐसा क्या खास है जो Warren Buffett इनको बना रहे बर्कशायर का बॉस

Warren Buffett Successor: दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उनके स्थान पर अब ग्रेग एबेल कंपनी के नए सीईओ होंगे। एबेल वर्षों से कंपनी के नॉन-इंश्योरेंस व्यवसाय का नेतृत्व कर रहे हैं और बफेट के करीबी रहे हैं। यह बदलाव बर्कशायर हैथवे के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।

Image

कौन हैं ग्रेग एबेल? जानिए कैसे बने बफेट के बाद बर्कशायर के बॉस

Warren Buffett Successor: दुनिया के सबसे सफल, चतुर निवेशकों में शुमार वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे की सालाना शेयर होल्डर मीटिंग में एक बड़ी घोषणा की है। 94 वर्षीय बफेट ने बताया कि वे इस साल के अंत तक कंपनी के चेयरमैन और सीईओ के पद से रिटायर हो जाएंगे। यह खबर सुनकर निवेशकों को जरूर आश्चर्य हुआ, लेकिन उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस फैसले का स्वागत किया। उनके रिटायरमेंट के साथ ही एक ऐतिहासिक युग का समापन हो रहा है और अब कंपनी की कमान ग्रेग एबेल को सौंपी जाएगी।

कौन हैं ग्रेग एबेल?

ग्रेग एबेल वर्तमान में बर्कशायर हैथवे के नॉन-इंश्योरेंस बिजनेस के प्रमुख हैं। साल 2021 से ही उन्हें वॉरेन बफेट के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा था। एबेल ने अपनी नेतृत्व क्षमता, सादगी और दूरदर्शिता से बफेट का भरोसा जीता है। वे पहले बर्कशायर एनर्जी के सीईओ भी रह चुके हैं और कंपनी की कई महत्वपूर्ण डील्स में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई है।

Greg Abel and Warren Buffett

ग्रेग एबेल और वारेन बफेट

बफेट बने रहेंगे शेयरधारक और सलाहकार

हालांकि वॉरेन बफेट अब निर्णय लेने की भूमिका से बाहर होंगे, लेकिन वे बर्कशायर हैथवे के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक बने रहेंगे और जरूरत पड़ने पर सलाह देने का काम करते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में कंपनी के सभी अहम निर्णय अब ग्रेग एबेल लेंगे।

आर्थिक नीतियों और ट्रंप की आलोचना

बर्कशायर हैथवे के पास इस समय करीब 347.7 अरब डॉलर की नकद राशि है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। हाल के समय में कंपनी ने Apple और Bank of America जैसी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कुछ हद तक घटाई है। बफेट ने अपने संबोधन में अमेरिका की व्यापार नीतियों पर सवाल उठाए और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ्स की आलोचना की। उन्होंने कहा कि व्यापार को राजनीतिक हथियार नहीं बनाना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

क्या एबेल आगे बढ़ा पाएंगे बफेट की विरासत?

बफेट के रिटायरमेंट के साथ ही बर्कशायर हैथवे में एक नए युग की शुरुआत हो रही है। अब सबकी निगाहें ग्रेग एबेल पर हैं — क्या वे वॉरेन बफेट की स्थायी विरासत को उसी सफलता और समझदारी के साथ आगे बढ़ा पाएंगे? आने वाले समय में इसका जवाब मिलेगा।

डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article