बिजनेस

Sensex 1 Lakh Prediction: 1 लाख पर कब पहुंचेगा Sensex? मॉर्गन स्टेनली ने दिया जवाब, साल 2025 बहुत अहम

Sensex 1 Lakh Prediction: ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि 2025 शेयर चुनने वालों का बाजार होगा और इस साल डिफेंसिव के मुकाबले साइक्लिकल और लार्ज-कैप के मुकाबले स्मॉल और मिड-कैप (SMID) को प्राथमिकता मिल सकती है।

Image

इस साल 1 लाख छुएगा सेंसेक्स !

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • सेंसेक्स पर बड़ा बयान
  • इस साल 1 लाख छुएगा
  • मॉर्गन स्टेनली ने जारी की रिपोर्ट

Sensex 1 Lakh Prediction: अगर प्रमुख ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली की मानें तो साल 2025 शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बड़े मुनाफे वाला साल हो सकता है। भारत के लिए अपने नजरिए में ब्रोकरेज फर्म ने 2025 के लिए शेयर बाजार में तेजी और मंदी का एक उदाहरण पेश किया है, जो यह संकेत देता है कि बीएसई सेंसेक्स किस स्तर तक पहुंच सकता है। घरेलू बाजार के दोनों सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने 2024 में नई ऊंचाइयों को छुआ था और इस साल भी यही स्थिति जारी रहने की संभावना है। मॉर्गन स्टेनली ने बेस केस में दिसंबर 2025 तक सेंसेक्स में 14 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है। इस स्थिति में इंडेक्स 93,000 तक पहुंच सकता है।

ये भी पढ़ें -

शेयर चुनने वालों का बाजार होगा

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि 2025 शेयर चुनने वालों का बाजार होगा और इस साल डिफेंसिव के मुकाबले साइक्लिकल और लार्ज-कैप के मुकाबले स्मॉल और मिड-कैप (SMID) को प्राथमिकता मिल सकती है।

वैश्विक विकास में संभावित जोखिम, साथ ही आईपीओ की बाढ़ और शॉर्ट टर्म में डेवलपमेंट की चिंताएं चुनौतियां पेश करती हैं। हालांकि, स्थिर सरकारी नीतियों के साथ लंबी अवधि का नजरिया मजबूत है और एशिया-प्रशांत में ब्रोकरेज फर्म के लिए भारत प्रमुख विकल्प बन गया है।

इसी साल सेंसेक्स होगा 1 लाख वाला

मॉर्गन स्टेनली ने अनुमान लगाया है कि भारत 2025 में टॉप प्रदर्शन करने वाले उभरते बाजारों में से एक होगा। उन्होंने सेंसेक्स के लिए तेजी का लक्ष्य 1,05,000 और मंदी यानी गिरावट का लक्ष्य 70,000 रखा है। इसने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए असल चुनौतियों बाहरी देशों से हैं।

किन सेक्टरों और शेयरों पर लगाएं दांव

ब्रोकरेज फर्म ने फाइनेंशियल सेक्टर, कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी, इंडस्ट्रियल और टेक्नोलॉजी पर ओवरवेट रेटिंग दी है, जबकि अन्य सभी क्षेत्रों पर अंडरवेट रेटिंग दी है। इसने भारत की दस कंपनियों को "ओवरवेट" रेटिंग दी है, जिनमें ब्रेनबीज़ सॉल्यूशंस (फर्स्टक्राई), मारुति सुजुकी, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, लार्सन एंड टूब्रो, इंफोसिस और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल हैं।

क्या है ओवरवेट और अंडरवेट

शेयर बाजार में, "ओवरवेट" का मतलब ऐसे स्टॉक हैं जो अपने सेक्टर या ओवरऑल मार्केट से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। जबकि अंडरवेट का मतलब ऐसे स्टॉक जिसके खराब प्रदर्शन की उम्मीद है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार को लेकर अनुमानित जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article