HCL Tech Salary Hike: भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक (HCL Tech) ने अपने जूनियर कैडर एसोसिएट्स की सैलरी में बढ़ोतरी की है। इसने सैलरी में 1% से लेकर 4% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार ई0, ई1 और ई2 लेवल पर जूनियर स्तर के कर्मचारियों के लिए 1-2% की सीमा में सैलरी इंक्रीमेंट की घोषणा की गई है, जिसमें टॉप प्रदर्शन करने वालों को लगभग 3-4% की वृद्धि मिलेगी। हालांकि सैलरी में ये इंक्रीमेंट 7% के एवरेज अनुमान से कम है, जबकि टॉप प्रदर्शन करने वालों को 12-15% की सीमा में वेतन वृद्धि मिलने का अनुमान था।
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किस टाइम से मानी जाएगी लागू
वेतन वृद्धि की घोषणा तीसरी तिमाही - अक्टूबर से दिसंबर - के लिए की जा रही है। एचसीएल टेक के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कंपनी दूसरी तिमाही के नतीजों के साथ जारी किए गए बयान के अनुसार आगे बढ़ रही है, जिसमें कहा गया था कि यह "पिछले साल की तरह ही होगी।" यह वृद्धि अक्टूबर से प्रभावी होगी।
प्रवक्ता ने कहा, "इस फैक्ट को देखते हुए कि हमारे सिस्टम में पार्श्विक रूप से आने वाले लोगों की संख्या अधिक है, जो एक वर्ष पूरा करने के बाद वेतन वृद्धि के लिए पात्र हो जाते हैं। वहीं किसी साइकिल के दौरान सैलरी इंक्रीमेंट के लिए एलिजिबल लोगों की संख्या इसी पर निर्भर करती है, साथ ही इसमें उनका प्रदर्शन भी शामिल होता है। इसलिए, यदि मैं भारत में अपने सभी सहयोगियों के लिए एवरेज देखूं, तो यह लगभग 7% की सीमा में होगा।"
15 फीसदी तक बढ़ोतरी
प्रवक्ता ने कहा कि लेकिन, जैसा कि हमेशा होता है, सैलरी इंक्रीमेंट परफॉर्मेंस से जुड़ा होता है, और टॉप प्रदर्शन करने वालों को 12-15% की रेंज में डबल डिजिट की वृद्धि मिलती रहेगी। इसलिए, हमने अपनी वृद्धि की योजना इसी तरह बनाई है। ...यह सब इस महीने से प्रभावी होगा। हमारे पास अपने स्वयं के कंपनी रिव्यू साइकिल हैं, जिनका हम हर साल पालन करते हैं। हमने पिछले साल भी यही किया था, इस साल भी हम यही करेंगे..."
13 जनवरी को जारी करेगी तिमाही नतीजे
एचसीएल टेक 13 जनवरी को अपनी तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी करेगी। इसकी प्रतिद्वंद्वी इंफोसिस ने सितंबर को समाप्त होने वाली दूसरी तिमाही के लिए 90% परफॉर्मेंस बोनस में बढ़ोतरी की है।
हालांकि, इंफोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी वार्षिक वेतन वृद्धि में देरी की है, जिसकी घोषणा जनवरी से मार्च की अंतिम तिमाही में होने की संभावना है।
