बिजनेस

जानें कब बनेगा भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी,कितनी होगी हर भारतीय की इनकम

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 27, 2023, 06:10 PM IST

India To Become Third Largest Economy:अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आकलन को देखा जाय तो साल 2027 तक भारतीय इकोनॉमी 2025 तक जापान को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगी। हालांकि इसके बावजूद अमेरिका और चीन की तुलना में वह काफी पीछे रहेगी।

Image

india gdp

India To Become Third Largest Economy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति मैदान के नए रुप के उद्घाटन के मौके पर इस बात का देश की जनता को भरोसा दिलाया है, NDA के तीसरे कार्यकाल के दौरान भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह मोदी की गारंटी है। अब सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस भरोसे की क्या वजह है। तो उसकी सबसे बड़ी वजह पिछले एक दशक में भारत की लंबी छलांग है। साल 2014 में भारत दुनिया की 10 वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी थी। उस समय उसकी GDP करीब 2 लाख करोड़ की थी। जो कि 2023 में 3.7 लाख करोड़ के साथ दुनिया की 5 वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गई है। और अगर अमेरिका, चीन, जापान से लेकर दूसरी विकसित और उभरती इकोनॉमी को देखा जाय तो भारतीय जीडीपी साइज की ग्रोथ अमेरिका से भी तेज गति से हुई है। अमेरिका का जीडीपी साइज 9 साल में 38 फीसदी बढ़ा है। जबकि चीन का 84 फीसदी और भारत का 83 फीसदी बढ़ा है।

2027 में भारत बनेगा तीसरी सबसे इकोनॉमी

जीडीपी की यही रफ्तार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसे को बढ़ाती है। अगर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के आकलन को देखा जाय तो साल 2027 तक भारतीय इकोनॉमी 2025 तक जापान को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगी। हालांकि इसके बावजूद अमेरिका और चीन की तुलना में वह काफी पीछे रहेगी। अमेरिका की इकोनॉमी जहां 26 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 31 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। वहीं चीन की इकोनॉमी 19 लाख करोड़ डॉलर से बढ़कर 25 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी। ऐसे में भारत तीसरे पर रहने के बावजूद दोनों देशों से काफी पीछे रहेगा।

देश (रैंक)जीपीडी साइज (2023)जीडीपी साइज (2027)
अमेरिका -1करीब 26 लाख करोड़ डॉलरकरीब 31 लाख करोड़ डॉलर
चीन-2करीब 17 लाख करोड़ डॉलरकरीब 25 लाख करोड़ डॉलर
भारत-5करीब 3.7 लाख करोड़ डॉलरकरीब 5 लाख करोड़ डॉलर

लोगों की इनकम में भी उसी रफ्तार से बढ़ना जरूरी

यह अच्छी बात है कि भारतीय इकोनॉमी 10 से 5 वें और अब तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर है। लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में काफी पीछे है। और भारत का स्थान पहले 100 में भी नहीं आता है। ऐसे में इस मानक में भी आगे बढ़ने की जरूरत है। इस समय भारत की प्रति व्यक्ति आय 2600 डॉलर प्रति वर्ष है। और इसके 2027 तक 3400 डॉलर पहुंचने का अनुमान है।

देशप्रति व्यक्ति आय (सालाना )
आयरलैंड145,000 डॉलर
सिंगापुर 133,000 डॉलर
अमेरिका80,000 डॉलर
चीन13,720 डॉलर
भारत2600 डॉलर
बांग्लादेश2470 डॉलर
प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article