बिजनेस

1 करोड़ का फ्लैट खरीदने के लिए आपकी सैलरी कितनी होनी चाहिए?

अगर आप भी 1 करोड़ का घर या फ्लैट खरीदना चाहते हैं तो आपको सबसे ये जानना जरुरी है कि आपकी इसके लिए कितनी सैलरी होनी चाहिए? घर खरीदने के लिए सिर्फ लोन ही नहीं बल्कि डाउन पेमेंट, EMI और रोजमर्रा जैसे खर्चों का हिसाब रखना भी बहुत जरुरी है।

Image

कब खरीद पाएंगे 1 करोड़ का घर?

अगर आप भी घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है।अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है लेकिन आपकी सैलरी में आपको कितने का घर मिल सकता है ये बड़ा सवाल है। इसके लिए सही वित्तीय योजना बनाना बेहद जरूरी है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि घर की कुल कीमत, डाउन पेमेंट और होम लोन का कितना हिस्सा आपके लिए होगा। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि अगर आपको 1 करोड़ का घर खरीदना है तो आपकी सैलरी कितनी होनी चाहिए और आपको EMI कितनी देनी होगी?

1 करोड़ के घर के लिए कितनी डाउनपेमेंट ?

एक करोड़ रुपये के घर के लिए आमतौर पर 20% डाउन पेमेंट यानी ₹20 लाख आपको खुद जमा करने होंगे। बाकी 80% यानी ₹80 लाख के लिए आपको बैंक से होम लोन लेना होगा। होम लोन की ईएमआई तय करने के लिए ब्याज दर और लोन अवधि महत्वपूर्ण होती है। उदाहरण के लिए, अगर लोन की ब्याज दर 8.5% सालाना और लोन अवधि 30 साल (360 महीने) है, तो ₹80 लाख के लोन की ईएमआई लगभग ₹61,500 प्रति माह होगी।

कितनी होनी चाहिए सैलरी?

अब सवाल आता है कि ऐसी ईएमआई के लिए आपकी सैलरी कितनी होनी चाहिए। बैंक आमतौर पर मानते हैं कि आपकी सैलरी का 40% से अधिक ईएमआई में नहीं जाना चाहिए। इसका मतलब है कि ₹61,500 की ईएमआई के लिए आपकी मंथली सैलरी करीब ₹1,53,750 होनी चाहिए। सालाना हिसाब से यह लगभग ₹18.45 लाख बनती है। ध्यान रहे कि इसमें सिर्फ ईएमआई का हिसाब है; रजिस्ट्री फीस, इंश्योरेंस, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों को अलग से जोड़ना पड़ सकता है।

कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें भी ध्यान में रखनी चाहिए। अच्छा क्रेडिट स्कोर (750 से ऊपर) होम लोन की मंजूरी में मदद करता है। ब्याज दरों में बदलाव होने से ईएमआई में भी बदलाव आ सकता है। अगर लोन अवधि लंबी रखी जाए तो मासिक ईएमआई कम हो जाएगी, लेकिन कुल ब्याज बढ़ जाएगा।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article