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अक्षय तृतीया 2026 पर किस तरह का सोना खरीद रही हैं महिलाएं? सबसे ज्यादा डिमांड में है ये चीज

अक्षय तृतीया का दिन सोना- चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। तो आइये जानते हैं इस बार आने वाले अक्षय तृतीया पर महिलाओं को खरीदारी के लिए किस तरह के गहने पसंद आ रहे हैं और क्या सबसे ज्यादा डिमांडिंग है।

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19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया का पावन पर्व है। भारतीय परंपरा में इस दिन को नई शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, यही वजह है कि इस मौके पर सोना और चांदी खरीदना बेहद शुभ होता है। हालांकि, इस साल सोने की आसमान छूती कीमतों ने खरीदारों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। जहाँ पहले अक्षय तृतीया पर लोग भारी-भरकम हार या चूड़ियां खरीदना पसंद करते थे, वहीं 2026 के इस सीजन में 'स्मार्ट शॉपिंग' का ट्रेंड हावी दिख रहा है। व्यापारी भी मान रहे हैं कि भले ही कीमतें बढ़ी हों, लेकिन धार्मिक आस्था के कारण लोग शगुन के लिए खरीदारी जरूर कर रहे हैं, बस उनके चुनाव का तरीका बदल गया है।

डिजाइन और डेली वियर पर फोकस

इस साल महिलाओं का सबसे ज्यादा ध्यान ज्वेलरी के वजन पर नहीं, बल्कि उसकी डिजाइन पर है। कीमतों में उछाल को देखते हुए मध्यम और उच्च-मध्यम वर्ग की महिलाएं ऐसे गहने ढूंढ रही हैं जो 'पॉकेट फ्रेंडली' होने के साथ-साथ सुंदर भी हों। भारी और पारंपरिक गहनों की जगह अब 'लाइट-वेट' ज्वेलरी ने ले ली है। महिलाएं ऐसी डिजाइन पसंद कर रही हैं जिन्हें वे केवल तिजोरी में रखने के बजाय ऑफिस, पार्टी या रोजमर्रा के जीवन में पहन सकें। इसके साथ ही, खरीदारी करते समय 'रीसेल वैल्यू' का भी खास ख्याल रखा जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निवेश का सही दाम मिल सके।

युवा खरीदारों की पहली पसंद

बाजार में इस बार युवा खरीदारों (Gen-Z और Millennials) की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। यह पीढ़ी सोने को केवल एक निवेश के तौर पर नहीं, बल्कि एक 'स्टाइल स्टेटमेंट' के रूप में देखती है। युवाओं के बीच 'मिनिमल' यानी छोटे और ट्रेंडी गहनों का क्रेज बढ़ा है। पतली चेन, छोटे टॉप्स और स्लीक ब्रेसलेट्स की डिमांड सबसे ज्यादा है। जो लोग ज्वेलरी में पैसा नहीं लगाना चाहते, वे शुद्धता के लिहाज से 'गोल्ड कॉइन' (सोने के सिक्के) को एक सुरक्षित निवेश मानकर खरीद रहे हैं। युवाओं की यह सोच परंपरा और आधुनिकता का एक बेहतरीन संगम पेश कर रही है।

इन्वेस्टमेंट के लिए डायमंड का बढ़ता क्रेज

एक बड़ा और दिलचस्प बदलाव डायमंड यानी हीरे के बाजार में देखने को मिल रहा है। 'मनी कंट्रोल' की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अब डायमंड केवल दिखावे की चीज नहीं रह गया है। लोग अब 'सर्टिफाइड नेचुरल डायमंड्स' में पैसा लगा रहे हैं क्योंकि इसे अब एक ठोस एसेट (संपत्ति) के रूप में देखा जा रहा है। अक्षय तृतीया के इस मौके पर सोने के साथ-साथ डायमंड की डिमांड में भारी उछाल आया है। खरीदार अब ऐसे हीरे खरीद रहे हैं जिनकी इंटरनेशनल वैल्यू हो और जिन्हें भविष्य में अच्छे मुनाफे के साथ बेचा जा सके।

बाजार के जानकारों और दुकानदारों का कहना है कि अब ग्राहकों की सोच काफी व्यावहारिक (Practical) हो गई है। अब ज्वेलरी केवल लॉकर की शोभा बढ़ाने के लिए नहीं खरीदी जा रही, बल्कि उसे पहनने की उपयोगिता और निवेश की समझ के साथ चुना जा रहा है। 19 अप्रैल 2026 की यह अक्षय तृतीया भारतीय स्वर्ण बाजार के लिए एक नया मोड़ साबित हो रही है, जहाँ परंपरा अपनी जगह कायम है लेकिन उसे निभाने का तरीका 'स्मार्ट' और 'फैशनेबल' हो गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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