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क्या होती है Nil ITR, क्या हैं इसे फाइल करने के फायदे, नहीं जानते तो आज जानिए

What is Nil ITR And Its Benefits: आयकर रिटर्न भारत सरकार की ओर से इनकम का एक मान्यता प्राप्त प्रूफ है। लोन रिक्वेस्ट की शर्तों और राशि को मंजूरी देने से पहले, लोन देने वाली कंपनी या बैंक आपकी साख का आकलन करेगा, जिसमें बतौर प्रूफ आयकर रिटर्न डॉक्यूमेंट्स दिया जा सकता है।

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जीरो आईटीआर और इसके फायदे क्या हैं

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KEY HIGHLIGHTS
  • जीरो आईटीआर के हैं कई फायदे
  • टैक्स लायबिलिटी के बिना भी फाइल करें जीरो ITR
  • जीरो आईटीआर से लोन मिलने में होती है आसानी

What is Nil ITR And Its Benefits: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक जरूरी फाइनेंशियल जिम्मेदारी है, जिससे लोग और कंपनियां अपनी इनकम, डिडक्शंस और बाकी जरूरी वित्तीय जानकारी टैक्स अधिकारियों को सौंपती हैं। हालाँकि, यदि किसी वित्तीय वर्ष में इंडिविजुअल टैक्सपेयर की इनकम 2.5 लाख रु से कम हो तो उसकी टैक्स लायबिलिटी जीरो होती है और इसलिए उन्हें कोई इनकम टैक्स देने की आवश्यकता नहीं होती।

ऐसे लोग टैक्स लायबिलिटी के अधीन नहीं होते, इसलिए उन्हें आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती। मगर यदि वे जीरो टैक्स लायबिलिटी पर भी आईटीआर फाइल करते हैं, तो इसी को "जीरो रिटर्न" (Nil ITR) कहा जाता है। जीरो रिटर्न दाखिल करना जरूरी नहीं है, मगर इसके कई फायदे हैं।

आसानी से मिलता है लोन

आयकर रिटर्न भारत सरकार की ओर से इनकम का एक मान्यता प्राप्त प्रूफ है। लोन रिक्वेस्ट की शर्तों और राशि को मंजूरी देने से पहले, लोन देने वाली कंपनी या बैंक आपकी साख का आकलन करेगा, जिसमें बतौर प्रूफ आयकर रिटर्न डॉक्यूमेंट्स दिया जा सकता है।

घाटे की भरपाई

यदि आप जीरो आईटीआर वाले वर्ष में शेयर बाजार में घाटा होने के बाद भी इक्विटी होल्डिंग्स को उस वित्तीय वर्ष से अगले वित्तीय वर्ष में कैरी फॉर्वार्ड करना चाहते हैं, तो जीरो रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है।

वीजा के लिए अप्लाई

विदेश जाने के लिए वीजा अधिकारी पिछले कुछ वर्षों की आईटीआर डिटेल मांग लेते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वीजा लेने से पहले, जिस देश में कोई यात्रा करना चाहता है, उसे आवेदक के इनकम लेवल की पुष्टि करनी होती है। इसलिए, वीजा के लिए आवेदन करते समय आईटीआर को बैंक डिटेल और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड के साथ जमा किया जाना चाहिए।

रिफंड के लिए क्लेम

फॉर्म 15जी/एच जमा करने पर बैंकिंग इंस्टिट्यूशंस टीडीएस नहीं काटता। हालाँकि, इस टीडीएस राशि को रिफंड के रूप में पाने के लिए, यदि किसी कारण से आपने फॉर्म समय पर जमा नहीं किया, तो जीरो आईटीआर दाखिल करें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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