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ई-गवर्नेंस से कितना आसान हुआ काम, डिजिटलीकरण में निलय का क्या योगदान? जानें इसके मुख्य प्वाइंट

भारत में ई-गवर्नेंस के जरिए सरकारी सेवाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं। जानिए कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवा वितरण प्रणाली से प्रशासन अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन रहा है। इससे सरकार के साथ लोगों का काम भी आसान हो रहा है।

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भारत में ई-गवर्नेंस का महत्व (फोटो-Istock)

E Governance in India : पिछले एक दशक में भारत में सरकारी कामकाज को आसान बनाने और कागज से निर्भरता हटाने के लिए तेजी से डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया गया है। कार्य को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का तेजी से उपयोग किया गया है। इसी बदलाव को ई-गवर्नेंस कहा जाता है। सरकार ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाएं शुरू की हैं, जिससे सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और सेवाओं को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इसी डिजिटल परिवर्तन के दौर में प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस से जुड़े कई कार्यक्रमों में निलय वर्मा की भूमिका भी चर्चा में रही है। वे सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और डिजिटल सेवा वितरण से जुड़े विभिन्न प्रयासों में सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं।

वर्मा का काम मुख्य रूप से सरकारी विभागों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की रूपरेखा तैयार करने, मौजूदा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और तकनीक आधारित प्रणालियों को लागू करने से संबंधित रहा है। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाना और नागरिकों के लिए सेवाओं की उपलब्धता को आसान बनाना है।

ई-गवर्नेंस से जुड़े कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य सरकार और नागरिकों के बीच संपर्क को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना भी है। डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने, प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया है।

इसके अलावा प्रशासनिक सुधार के तहत संस्थागत क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को नई डिजिटल प्रणालियों के अनुसार प्रशिक्षित करना, कार्यप्रणालियों को मानकीकृत करना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना शामिल है।

ई-गवर्नेंस पर चर्चा

ई-गवर्नेंस पर चर्चा

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार से जुड़े व्यापक प्रयासों के संदर्भ में निलय वर्मा की भूमिका को डिजिटल परिवर्तन, प्रक्रिया सुधार और नीति क्रियान्वयन से जुड़े प्रयासों के रूप में देखा जाता है। इन पहलों का उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना और नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है।

ई-गवर्नेंस के मुख्य उद्देश्य

  • सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना
  • प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाना
  • भ्रष्टाचार और अनावश्यक कागजी कार्यवाही को कम करना
  • नागरिकों और सरकार के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना

ई-गवर्नेंस के प्रमुख प्रकार

  • Government to Citizen (G2C)
  • सरकार से सीधे नागरिकों को सेवाएं देना।
  • उदाहरण:
  • ऑनलाइन जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र
  • आधार सेवाएं
  • पासपोर्ट आवेदन
  • बिजली-पानी के बिल का ऑनलाइन भुगतान

Government to Business (G2B)

सरकार और व्यवसायों के बीच डिजिटल सेवाएं।

उदाहरण

  • ऑनलाइन टेंडर
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन
  • कंपनी पंजीकरण

भारत में ई-गवर्नेंस के उदाहरण

  • डिजिटल इंडिया मिशन
  • ऑनलाइन पासपोर्ट सेवा
  • आयकर ई-फाइलिंग
  • उमंग ऐप
  • डिजिटल भूमि रिकॉर्ड

ई-गवर्नेंस के फायदे

  • सरकारी सेवाएं तेज और आसान
  • भ्रष्टाचार पर नजर
  • पारदर्शिता में वृद्धि
  • समय और लागत की बचत
  • नागरिकों की सरकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच
Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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