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डिजिटल गोल्ड क्या है? घर बैठे सोने में निवेश का आसान तरीका, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान

Digital Gold: डिजिटल गोल्ड के जरिए लोग ऑनलाइन 24 कैरेट सोने में छोटी रकम से निवेश कर सकते हैं। हालांकि यह सुविधाजनक है, लेकिन SEBI और RBI रेगुलेशन नहीं होने से सावधानी जरूरी है।

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डिजिटल गोल्ड कैसे खरीद सकते हैं? (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Digital Gold : आज के डिजिटल दौर में निवेश (Gold Investment) के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। अब लोगों को सोना खरीदने के लिए ज्वेलरी शॉप जाने या भारी-भरकम रकम खर्च करने की जरुरत नहीं है। डिजिटल गोल्ड ने निवेश को आसान और सुविधाजनक बना दिया है। मोबाइल ऐप, फिनटेक प्लेटफॉर्म और ब्रोकरेज एप्स के जरिए कोई भी व्यक्ति कुछ रुपये से भी सोने में निवेश शुरू कर सकता है। खासकर छोटे निवेशकों, पहली बार निवेश करने वालों और ऑनलाइन लेनदेन पसंद करने वाले लोगों के बीच डिजिटल गोल्ड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, निवेश से पहले इसके फायदे और जोखिम दोनों को समझना जरूरी है।

क्या है डिजिटल गोल्ड?

डिजिटल गोल्ड एक ऐसा निवेश का जरिया है, जिसमें निवेशक ऑनलाइन 24 कैरेट शुद्ध सोना खरीद सकते हैं। यह सोना वास्तव में मौजूद होता है और खरीदी गई मात्रा के बराबर फिजिकल गोल्ड सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है। निवेशक को तुरंत सोना हाथ में नहीं मिलता, बल्कि उसके नाम पर उतनी मात्रा का दावा दर्ज होता है। यानी आपने जितना डिजिटल गोल्ड खरीदा है, उतनी कीमत का असली सोना कंपनी की तरफ से सुरक्षित रखा जाता है। बाद में जरूरत पड़ने पर निवेशक इसे बेच सकता है या तय शर्तों के अनुसार फिजिकल गोल्ड जैसे सिक्के या गोल्ड बार के रूप में मंगवा सकता है।

कैसे खरीद सकते हैं डिजिटल गोल्ड?

डिजिटल गोल्ड खरीदना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले किसी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म या ऐप का चयन करना होता है। इसके बाद केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। फिर निवेशक अपनी इच्छा के अनुसार रकम या सोने की मात्रा दर्ज करता है। भुगतान पूरा होते ही प्लेटफॉर्म निवेशक के नाम पर उतनी मात्रा में सोना खरीदकर सुरक्षित वॉल्ट में जमा कर देता है। कई प्लेटफॉर्म पर 10 रुपये या 100 रुपये जैसी छोटी रकम से भी निवेश शुरू किया जा सकता है।

कीमत कैसे तय होती है?

डिजिटल गोल्ड की कीमत प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम में दिखाई जाती है। यह कीमत घरेलू बाजार में सोने के रेट, अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड प्राइस, आयात शुल्क, टैक्स और प्लेटफॉर्म के मार्जिन के आधार पर तय होती है। इसलिए सोने की कीमतों में बदलाव के साथ डिजिटल गोल्ड के दाम भी बदलते रहते हैं।

क्या डिजिटल गोल्ड सुरक्षित है?

डिजिटल गोल्ड में खरीदा गया सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है, लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल इसकी रेगुलेशन को लेकर है। दरअसल, डिजिटल गोल्ड अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) जैसे नियामक संस्थानों के दायरे में नहीं आता। इसका मतलब है कि निवेशकों को पूरी तरह प्लेटफॉर्म और उसकी वॉल्ट पार्टनर कंपनियों की विश्वसनीयता पर भरोसा करना पड़ता है। अभी डिजिटल गोल्ड के लिए कोई एक समान नियम या निवेशक सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है। इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की साख और शर्तों की जांच करना जरूरी है।

टैक्स को लेकर क्या हैं नियम?

डिजिटल गोल्ड पर टैक्स नियम फिजिकल गोल्ड की तरह ही लागू होते हैं। यदि निवेशक 24 महीने के भीतर डिजिटल गोल्ड बेचता है, तो उस पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा, जो निवेशक की आयकर स्लैब के अनुसार तय होगा। वहीं, 24 महीने के बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होगा। इस पर 12.5 फीसदी टैक्स लगाया जाता है, लेकिन इसमें इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलता।

फिजिकल गोल्ड में बदलने की सुविधा

डिजिटल गोल्ड की एक खास बात यह है कि इसे बाद में फिजिकल गोल्ड में भी बदला जा सकता है। कई प्लेटफॉर्म निवेशकों को सिक्के या गोल्ड बार के रूप में डिलीवरी की सुविधा देते हैं। हालांकि, इसके लिए न्यूनतम मात्रा की शर्तें लागू हो सकती हैं और डिलीवरी चार्ज भी देना पड़ सकता है।

निवेश से पहले क्या रखें ध्यान?

डिजिटल गोल्ड निवेश का सुविधाजनक विकल्प जरूर है, लेकिन इसमें जोखिम भी मौजूद हैं। चूंकि यह अभी रेगुलेटेड नहीं है, इसलिए केवल भरोसेमंद और लोकप्रिय प्लेटफॉर्म का ही चयन करना चाहिए। साथ ही निवेशकों को प्लेटफॉर्म की फीस, स्टोरेज चार्ज, डिलीवरी नियम और खरीद-बिक्री की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिजिटल गोल्ड छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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