Reliance Industries Q4 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने Q4 FY25 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 2.4% की वृद्धि दर्ज की और इसका प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ रहा। पिछले साल समान तिमाही इसका प्रॉफिट ₹18,951 करोड़ रहा था। कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम 8.8% बढ़कर ₹2.61 लाख करोड़ हो गई, जबकि EBITDA 3.6% बढ़कर ₹48,737 करोड़ हो गया। मगर मार्जिन 18% से घटकर 16.8% रह गया। जानकारों के अनुसार यह स्थिर प्रदर्शन निवेशकों के लिए विश्वास बढ़ाता है, हालांकि O2C मार्जिन में कमी चिंता का विषय है। कंपनी ने ₹5.5 प्रति शेयर डिविडेंड की भी घोषणा की। इसलिए अगर आप डिविडेंड के लिए रिलायंस के शेयर खरीद रहे हैं तो पहले नतीजों को ठीक से समझ लीजिए।
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लॉन्ग टर्म ग्रोथ संभावनाओं पर विचार करें
RIL ने FY25 के लिए ₹5.5 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है, जो शेयरधारकों के लिए आकर्षक है। यह डिविडेंड कंपनी की मजबूत कैश पॉजिशन और शेयरधारकों को वैल्यू प्रोवाइड करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हालांकि, डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा अभी बाकी है। निवेशकों को डिविडेंड यील्ड (लगभग 0.42% मौजूदा शेयर प्राइस ₹1,300 पर) और कंपनी की लॉन्ग टर्म ग्रोथ संभावनाओं पर विचार करना चाहिए।
डिबेंचर से जुटाएगी 25000 करोड़ रु
डिविडेंड के लिए शेयर खरीदने से पहले, निवेशकों को बाजार की अस्थिरता और RIL के शेयरों के हाल के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए। पिछले एक साल में शेयर 10.8% गिरा, लेकिन जियो और रिटेल में ग्रोथ से भविष्य में सुधार की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी की ₹25,000 करोड़ तक की नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (NCD) योजना से न्यू एनर्जी और डिजिटल क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जो लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएट कर सकता है।
एक्सपर्ट्स से सलाह लेना बेहतर
रिलायंस के Q4 नतीजे निवेशकों के लिए मिक्स संदेश दे रहे हैं। जियो और रिलायंस रिटेल में मजबूती, डिविडेंड, और न्यू एनर्जी में निवेश पॉजिटिव हैं, लेकिन O2C की कमजोरी और बाजार जोखिम सतर्कता की मांग करते हैं। निवेशकों को वित्तीय सलाहकारों से परामर्श लेकर ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
