Why wires and cables Stock Crashes: आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement) ने ₹80,000 करोड़ के वायर और केबल (W&C) सेक्टर में एंट्री की घोषणा की है। इस कदम से बाजार में हलचल मच गई है, जिससे Polycab, KEI Industries और Havells जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।UltraTech की घोषणा के बाद, गुरुवार को पॉलिकैब (Polycab) के शेयर 16 फीसदी लुढ़क गए, KEI Industries में 20 फीसदी की गिरावट आई, हैवेल्स इंडिया (Havells India) के शेयर 9 फीसदी तक गिर गए। इतना ही नहीं RR Kabel तक के शेयर 13 फीसदी टूटे। निवेशकों को डर है कि UltraTech का ₹1,800 करोड़ का पूंजीगत निवेश (Capex) मौजूदा कंपनियों पर दबाव बना सकता है, जिससे मार्जिन और वैल्यूएशन प्रभावित हो सकते हैं।
UltraTech का W&C बाजार में विस्तार
अल्ट्राटेक (UltraTech) ने घोषणा की है कि वह गुजरात के भरूच में एक नई वायर और केबल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी। इसमें कंपनी ₹1,800 करोड़ का निवेश करने का मन बना रही है। यह प्लांट दिसंबर 2026 तक चालू हो सकता है। CLSA के अनुमान के मुताबिक इस निवेश से 4 से 5 गुना रेवेन्यू ग्रोथ मिल सकती है। वहीं मार्जिन 11 फीसदी-13 फीसदी के बीच हो सकती है।
क्या मौजूदा कंपनियों के लिए खतरा है?
भारतीय वायर और केबल मार्केट 80,000 करोड़ रुपये (9 बिलियन डॉलर) का है, जिसमें तार (Wires) और केबल (Cables) का अनुपात 1:2 है। यह एक संगठित क्षेत्र है, जहां 70 फीसदी बाजार ब्रांडेड कंपनियों के पास है।
- केबल सेगमेंट: Polycab (20 फीसदी), KEI (12 फीसदी), Havells (8 फीसदी), और KEC (6 फीसदी) बड़ी कंपनियां हैं।
- वायर सेगमेंट: Finolex (15 फीसदी), RR Kabel (12 फीसदी), Polycab (10 फीसदी), V-Guard (8 फीसदी), और Havells (6 फीसदी) बड़ी कंपनियां हैं।
क्या Paints इंडस्ट्री जैसा ही असर होगा?
अल्ट्राटेक (UltraTech) की पैरेंट कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries) पहले ही बिड़ला ओपस (Birla Opus) ब्रांड के तहत पेंट्स मार्केट में तहलका मचा चुकी है। इससे एशियन पेंट्स (Asian Paints) और Berger Paints जैसी कंपनियों की वैल्यूएशन में भारी गिरावट आई थी। अब बाजार में आशंका है कि UltraTech W&C सेक्टर में भी वैसा ही प्रभाव डाल सकता है।
वित्तीय असर और आगे की रणनीति
अल्ट्राटेक पहले से ही ₹16,200 करोड़ के नेट डेट के साथ काम कर रहा है। ऐसे में ₹1,800 करोड़ का नया निवेश अगले दो सालों में कंपनी के मुफ्त नकदी प्रवाह (Free Cash Flow) का 13 फीसदी हिस्सा होगा। Citi का मानना है कि UltraTech की ब्रांडिंग और सप्लाई पावर तेजी से बाजार में स्थापित कर सकती है।
क्या बाजार ने ज्यादा प्रतिक्रिया दी?
Polycab, KEI और Havells के शेयरों में भारी गिरावट को कुछ विश्लेषकों ने बाजार की घबराहट बताया है। हालांकि, लंबी अवधि में UltraTech की एंट्री मौजूदा कंपनियों के लिए चुनौती बन सकती है। शॉर्ट-टर्म में मौजूदा कंपनियों के शेयर दबाव में रह सकते हैं। अल्ट्राटेक की W&C में एंट्री से बाजार का स्ट्रक्चर बदल सकता है। लंबी अवधि में कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी होगी।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
