Car TCS Refund Guide: अगर आपने 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की नई कार खरीदी है तो खरीदारी के समय आपने 1% TCS (Tax Collected at Source) भी चुकाया होगा। कई लोगों को लगता है कि यह अतिरिक्त टैक्स (Car TCS) है और इसे वापस नहीं लिया जा सकता, जबकि ऐसा नहीं है। असल में यह टैक्स क्रेडिट होता है, जिसे आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय अपनी टैक्स देनदारी के खिलाफ एडजस्ट कर सकते हैं या पात्र होने पर रिफंड के रूप में वापस भी पा सकते हैं।
क्या होता है 1% TCS?
आयकर अधिनियम के तहत अगर किसी मोटर वाहन की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है, तो वाहन विक्रेता खरीदार से वाहन की कीमत का 1% TCS वसूलता है। यह राशि खरीदार के PAN के साथ आयकर विभाग में जमा की जाती है। इसका उद्देश्य उच्च मूल्य की खरीदारी पर नजर रखना और टैक्स अनुपालन को मजबूत बनाना है। यह कोई अतिरिक्त या अंतिम टैक्स नहीं है, बल्कि टैक्स क्रेडिट के रूप में काम करता है।
कौन कर सकता है TCS का दावा?
जिस व्यक्ति के नाम पर कार खरीदी गई है और जिसके PAN पर TCS जमा हुआ है, वही इसका दावा कर सकता है। अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी TCS से अधिक है, तो यह राशि आपके टैक्स भुगतान में एडजस्ट हो जाएगी। वहीं अगर आपकी टैक्स देनदारी कम है या बिल्कुल नहीं है तो ITR दाखिल करने के बाद अतिरिक्त TCS रिफंड के रूप में मिल सकता है।
TCS रिफंड क्लेम करने का तरीका
TCS का लाभ लेने के लिए सबसे पहले कार डीलर से Form 27D लें। इसमें आपके PAN, वसूले गए TCS और उसकी तारीख की जानकारी होती है। अगर यह फॉर्म नहीं मिला है तो इसे TRACES पोर्टल से भी डाउनलोड किया जा सकता है। इसके बाद आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन कर Form 26AS या AIS (Annual Information Statement में जांच लें कि TCS की राशि सही तरीके से दिखाई दे रही है या नहीं। अगर यह जानकारी नहीं दिखती है, तो ITR दाखिल करने से पहले डीलर से संपर्क करना चाहिए।
ITR भरते समय क्या करें?
ITR दाखिल करते समय Form 26AS या AIS में दिखाई गई TCS राशि को सही तरीके से क्लेम करें। इसके बाद अपनी कुल टैक्स देनदारी की गणना करें। अगर TCS आपकी टैक्स देनदारी से अधिक है तो अतिरिक्त राशि रिफंड के रूप में आपके प्री-वैलिडेटेड बैंक खाते में भेज दी जाएगी। रिफंड का स्टेटस आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर "View Filed Returns" सेक्शन में देखा जा सकता है।
किन लोगों को मिल सकता है पूरा रिफंड?
अगर किसी व्यक्ति की आय टैक्स योग्य सीमा से कम है, लेकिन उसने 10 लाख रुपये से अधिक कीमत की कार खरीदी है और उस पर 1% TCS जमा हुआ है, तो वह ITR दाखिल कर पूरी TCS राशि रिफंड के रूप में प्राप्त कर सकता है। इसी तरह, अगर कुल टैक्स देनदारी TCS से कम है, तो अतिरिक्त राशि भी वापस मिल सकती है।
