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8th Pay Commission: पुराना फिटमेंट फैक्टर भी रहा तो सीधे केंद्रीय कर्मचारियों का HRA ₹22,510 तक बढ़ जाएगा

8वें वेतन आयोग लागू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। वेतन आयोग के सदस्य नए पे कमीशन की अंतिम रूपरेखा देने पर काम कर रहे हैं।

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8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission: केंद्र सरकार में काम करने वाले कर्मचारी नए वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। नए पे कमीशन लागू होने से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, बहुत कुछ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा। 8वें वेतन आयोग के प्रस्तावित ढांचे के तहत, आयोग द्वारा सुझाए गए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के HRA में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

हालांकि आयोग ने अभी तक अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दिया है, लेकिन कर्मचारी यूनियनों ने ऊंचे फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है, जिससे बेसिक पे और HRA दोनों में बढ़ोतरी होगी। आज हम भारत में X, Y और Z कैटेगरी के शहरों में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संभावित बदलाव पर नजर डालेंगे। यह बदलाव 7वें वेतन आयोग में लागू 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर है।

लेवल 1-5 के कर्मचारियों के लिए अनुमानित HRA गणना

8वें वेतन आयोग: 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित वेतन और HRA

लेवलमौजूदा बेसिक वेतन2.57 फिटमेंट फैक्टर के बाद नया बेसिकX शहर HRA (30%)Y शहर HRA (20%)Z शहर HRA (10%)
Level 1₹18,000₹46,260₹13,880₹9,250₹4,630
Level 2₹19,900₹51,140₹15,340₹10,230₹5,110
Level 3₹21,700₹55,770₹16,730₹11,150₹5,580
Level 4₹25,500₹65,530₹19,660₹13,110₹6,550
Level 5₹29,200₹75,040₹22,510₹15,010₹7,500

लेवल-1 के एचआरए में कितनी बढ़ोतरी संभव

लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए अनुमान बताते हैं कि 2.10 के फिटमेंट फैक्टर के तहत, संशोधित बेसिक पे बढ़कर 37,800 रुपये हो जाएगी, जिससे X-श्रेणी के शहरों में HRA 11,340 रुपये, Y-श्रेणी के शहरों में 7,560 रुपये और Z-श्रेणी के शहरों में 3,780 रुपये हो सकता है। 2.28 के फिटमेंट फ़ैक्टर के साथ, संशोधित बेसिक पे का अनुमान ₹41,040 है, जिससे X, Y और Z शहरों में HRA क्रमशः ₹12,310, ₹8,210 और ₹4,100 होगा। वहीं, 7वें वेतन आयोग में लागू 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर, लेवल-1 के कर्मचारी के लिए संशोधित बेसिक पे बढ़कर ₹46,260 हो सकती है, जिससे X शहरों में HRA बढ़कर ₹13,880, Y शहरों में ₹9,250 और Z शहरों में ₹4,630 हो सकता है।

ये अनुमान उदाहरण के तौर पर हैं और X, Y और Z शहरों के लिए मौजूदा HRA दरों (30%, 20% और 10%) पर आधारित हैं। हालांकि, पे और अलाउंस में अंतिम बदलाव कमीशन की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

HRA में बदलाव की क्या मांग है?

इस महीने की शुरुआत में, ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने मांग की कि 8वें CPC के तहत HRA को बढ़ाया जाए। इसने X कैटेगरी के शहरों के लिए 36%, Y कैटेगरी के शहरों के लिए 24% और Z कैटेगरी के शहरों के लिए 12% HRA का सुझाव दिया। इसके अलावा, एक और सुझाव यह है कि जब भी महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाया जाए, तो HRA भी बढ़ाया जाए। कर्मचारी संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि तय सैलरी की गणना का तरीका बदले और परिवार की इकाई को 3 से बढ़ाकर 4.4 करे। उनकी मांग है कि इस इकाई में आश्रित माता-पिता को भी शामिल किया जाए।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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