West Asia Crisis: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव के कारण भविष्य में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई प्रभावित होने का डर बना हुआ है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से इंडक्शन हीटर व उससे जुड़े बर्तनों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने कंपनियों को इंडक्शन हीटर और उससे जुड़े खास बर्तनों का उत्पादन (Production) तेजी से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि अगर आने वाले समय में गैस की उपलब्धता कम होती है या कीमतें बढ़ती हैं, तो आम जनता के पास बिजली से चलने वाले चूल्हों का एक सस्ता और सुलभ विकल्प मौजूद हो।
गैस की आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताएं
पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों की आवाजाही को बाधित कर दिया है। इससे खाना पकाने की गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और लोग इंडक्शन हीटर और उसके अनुकूल बर्तन खरीद रहे हैं।
यह बैठक केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई। इसमें ऊर्जा सचिव, विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इंडक्शन हीटर का उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा
एक अधिकारी ने कहा, "हमने चर्चा की कि इंडक्शन हीटर और उससे जुड़े बर्तनों (जैसे इंडक्शन कुकर के बर्तन) का उत्पादन किस तरह तेजी से बढ़ाया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और बाजार में ये तेजी से बिक रहे हैं।
इंडक्शन कुकटॉप और केतली की बढ़ी मांग
उद्योग जगत के अनुसार, पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण खाना पकाने की गैस की आपूर्ति संबंधी चिंताओं के मद्देनजर इंडक्शन कुकटॉप और इलेक्ट्रिक केतली की बिक्री में भारी वृद्धि हुई है। अन्य क्षेत्रों में सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए, सरकार ने गुरुवार को महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात को 30 जून तक तीन महीने के लिए सीमा शुल्क से छूट दी। इससे दवा, रसायन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों को राहत मिली तथा पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच आपूर्ति स्थिरता सुनिश्चित हुई। हालांकि इस कदम से सरकारी खजाने पर 1800 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
कच्चे तेल की कीमतों में आ रहा उछाल
पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान जहाज मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत उर्वरक और पेट्रोलियम का एक प्रमुख आयातक देश है। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने और तेहरान की व्यापक जवाबी कार्रवाई से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
