Lakhpati Didi: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि महात्मा गांधी हमारे विचारों, भावनाओं और अंतरात्मा में हमेशा जीवित हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा, विकसित भारत-जी राम योजना, पीएम आवास, आयुष्मान भारत, मुफ्त राशन, “लखपति दीदी” और अन्य ग्रामीण योजनाओं ने देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
विकसित भारत-जी राम योजना: मनरेगा का अपग्रेड
पीआईबी के मुताबिक कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत-जी राम योजना को मनरेगा का अपग्रेड बताया गया। इस योजना में 100 दिन की बजाय 125 दिन की वैधानिक रोजगार गारंटी, बेहतर मेहनताना, बेरोजगारी भत्ता और देरी पर ब्याज जैसी कानूनी सुरक्षा दी गई है। इसका उद्देश्य किसान और मजदूर दोनों के हितों को संतुलित करना है। केंद्रीय बजट में इसके लिए अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान 95,692 करोड़ रुपये किया गया है, जो केवल केंद्र का हिस्सा है। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगभग हर राज्य ने अपने बजट में इस योजना के लिए राशि तय की है, चाहे वहां किसी भी पार्टी की सरकार हो। उन्होंने बताया कि इससे स्पष्ट हो गया कि योजना पूरे देश में स्वीकार की जा चुकी है।
गरीब और ग्रामीण केंद्रित योजनाएं
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीब और ग्रामीण केंद्रित योजनाओं का लंबा जिक्र किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों पक्के घर बनाए गए हैं। 11 करोड़ से अधिक शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गैस कनेक्शन, हर घर नल जल, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का इलाज, जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाइयां और मुफ्त राशन से 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिला है। इसके अलावा, 52 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन, स्किल इंडिया, अटल पेंशन योजना, पीएम गरीब कल्याण योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं भी गांधी जी के विचारों पर आधारित हैं।
महिला सशक्तिकरण: लखपति दीदी मॉडल
महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देते हुए मंत्री ने कहा कि करोड़ों महिलाएं स्वयं-सहायता समूहों के जरिए बैंक लिंकेज, उद्यमिता और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में आगे बढ़ रही हैं। “ड्रोन दीदी”, “कृषि सखी”, “बैंक सखी” और “पशु सखी” जैसे मॉडल इसे और मजबूत कर रहे हैं। लक्ष्य अब 6 करोड़ लखपति दीदियों को बनाने का है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि कोई बहन गरीब न रहे और महिलाएं पंचायत से लेकर संसद तक अपनी भूमिका निभाएं।
पश्चिम बंगाल में मनरेगा फंड विवाद
पश्चिम बंगाल में मनरेगा फंड रोकने पर उठाए गए भेदभाव के आरोपों को मंत्री ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि वैधानिक कार्रवाई थी। सोशल ऑडिट और टीमों की रिपोर्ट में मजदूरों की जगह मशीनों का इस्तेमाल, ठेकेदार-केंद्रित काम, फर्जी जॉब कार्ड, फर्जी मास्टररोल और अन्य गड़बड़ियों की जानकारी मिली। राज्य सरकार सुधार नहीं करने पर फंड पर रोक लगानी पड़ी। उन्होंने साफ किया कि पीएम ग्राम सड़क, पीएम आवास और कृषि योजनाओं के पैसे बंगाल को मिलते रहे।
पंजाब में मनरेगा का उदाहरण
मंत्री ने पंजाब का उदाहरण देते हुए बताया कि मनरेगा के दौरान यूपीए सरकार ने पंजाब को केवल 858 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक दिए। इसके बावजूद आज वही लोग केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाते हैं।
न्यू इंडिया की वैश्विक साख
मंत्री ने कहा कि गैस-तेल संकट या रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक संकटों के बावजूद, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की आवाज दुनिया में महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि अब कोई भी भारत को एक वैभवशाली, आत्मनिर्भर, शक्तिशाली और विकसित देश बनने से रोक नहीं सकता।
