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क्यों बुक नहीं हो रहा आपका LPG सिलेंडर? पता चल गई गैस किल्लत और बुकिंग फेल होने की असली वजह

उपभोक्ताओं द्वारा फोन पर एलपीजी सिलेंडर बुक न कर पाने के कारण वे अब सीधे गैस एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के दफ्तर पहुंच रहे हैं। दरअसल, कंपनियों ने बुकिंग सेवा बंद नहीं की है, बल्कि बुकिंग कॉल्स की संख्या में अचानक भारी उछाल आने की वजह से तकनीकी सिस्टम क्रैश हो गया है।

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gas cylinder expensive

पिछले कुछ दिनों से देशभर में रसोई गैस (LPG) को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। हालांकि सरकार बार-बार यह भरोसा दिला रही है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। आम उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे फोन के जरिए अपना सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। अगर आप भी इंडेन (Indane) के ग्राहक हैं और आपका सिलेंडर बुक नहीं हो रहा है, तो इसके पीछे की असली वजह अब सामने आ गई है। यह संकट गैस की कमी से ज्यादा तकनीकी सिस्टम के चरमराने और अचानक बढ़ी मांग के कारण पैदा हुआ है।

सिस्टम क्रैश 10 गुना बढ़ा ट्रैफिक

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के एलपीजी ब्रांड इंडेन के मुताबिक, बुकिंग न होने का सबसे बड़ा कारण उनके रिफिल बुकिंग सिस्टम का क्रैश होना है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडेन के इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (IVRS) और मिस्ड कॉल नंबरों पर आने वाली कॉल्स की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले 8 से 10 गुना तक बढ़ गई है। इंडेन देशभर में लगभग 15 करोड़ परिवारों को अपनी सेवाएं देता है। इतनी बड़ी संख्या में जब उपभोक्ता एक साथ कॉल कर रहे हैं, तो कंपनी का सर्वर इस भारी बोझ को सह नहीं पा रहा है। यही वजह है कि ग्राहकों को या तो नंबर बिजी मिलता है या फिर कॉल अपने आप कट जाती है।

डिमांड और सप्लाई का बिगड़ा गणित

समस्या सिर्फ फोन लाइन तक सीमित नहीं है। बेंगलुरु और अन्य शहरों के डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि वेंडर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम (जहाँ से पर्ची कटती है) भी ठप पड़ा है। बाजार में गैस की मांग अचानक 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जबकि पीछे से सप्लाई में 50 प्रतिशत की कमी देखी जा रही है। इस गैप के कारण होम डिलीवरी में काफी समय लग रहा है। परेशान होकर उपभोक्ता अब सीधे गैस एजेंसियों और गोदामों का रुख कर रहे हैं ताकि खुद जाकर सिलेंडर ला सकें। स्थिति यह है कि गोदामों के बाहर लोगों की भीड़ को संभालना मुश्किल हो रहा है।

25 दिन वाला नया नियम और कन्फ्यूजन

बुकिंग सिस्टम पर बढ़ते बोझ के पीछे एक और बड़ी वजह सरकार का नया नियम है। सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग का 'वेटिंग पीरियड' 21 दिनों से बढ़ाकर अब 25 दिन कर दिया है। यानी अब आप एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकते हैं। दिक्कत यह है कि टेलीकॉम नेटवर्क के स्तर पर ऐसा कोई फिल्टर नहीं लगा है जो ग्राहकों को 25 दिन से पहले कॉल करने से रोक सके। लाखों उपभोक्ता अनजाने में या घबराहट में 25 दिन पूरे होने से पहले ही बुकिंग के लिए बार-बार कॉल कर रहे हैं। ये सभी कॉल्स कंपनी के सर्वर तक पहुंच रही हैं, जिससे सिस्टम पूरी तरह जाम हो गया है।

समाधान के लिए इंडेन के कदम

इस तकनीकी संकट को दूर करने के लिए इंडेन ने अपने सिस्टम की क्षमता बढ़ाना शुरू कर दिया है। बुकिंग की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए IVRS (फोन पर सुनाई देने वाले निर्देश) पर ऑडियो प्रॉम्प्ट की संख्या कम कर दी गई है। इससे ग्राहक कम समय में अपनी बुकिंग पूरी कर पाएंगे और फोन लाइन जल्दी फ्री होगी। कंपनी का दावा है कि जल्द ही सिस्टम सामान्य हो जाएगा और ग्राहकों को पहले की तरह घर बैठे बुकिंग की सुविधा मिलने लगेगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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