अगर आप निवेश के लिए कोई ऑप्शन तलाश रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स में उतार चढ़ाव के बीच FD और RD आज के जमाने में सुरक्षित निवेश विकल्प हैं। जहां एक तरफ शेयर बाजार में आपका पैसा डूबने का डर हमेशा बना रहता है वहीं RD और FD निवेशकों को सुरक्षित और पॉजिटिव रिटर्न ही देते हैं, इनमे पैसा डूबने का कोई चांस ही नहीं होता है। अगर आपको 1 लाख रुपए कहीं सुरक्षित निवेश करने हैं तो आइए बताते हैं इनमे से आपको बेहतर रिटर्न कौन देगा?
FD और RD क्या होते हैं?
FD यानी Fixed Deposit में आप एकमुश्त पैसा बैंक या पोस्ट ऑफिस में एक निश्चित समय के लिए जमा करते हैं। इस पर ब्याज दर पहले से तय होती है और मैच्योरिटी पर आपको तय रिटर्न मिलता है।
RD यानी Recurring Deposit में आप हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में पैसे जमा करते हैं। यह उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो एक बार में बड़ी राशि नहीं लगाना चाहते लेकिन धीरे-धीरे बचत करके फंड बनाना चाहते हैं।
SBI FD बनाम पोस्ट ऑफिस FD
SBI में FD की ब्याज दरें अलग-अलग अवधि के लिए 6.5% से 7% के बीच हैं। वहीं, पोस्ट ऑफिस की टर्म डिपॉजिट स्कीम (जो FD जैसी ही है) लगभग 6.7% ब्याज देती है।
इस तुलना से साफ है कि पोस्ट ऑफिस की FD पर ब्याज दर थोड़ी बेहतर है। यानी अगर आप 5 साल के लिए निवेश करेंगी तो पोस्ट ऑफिस से मिलने वाला रिटर्न SBI से ज़्यादा होगा।
RD की स्थिति
पोस्ट ऑफिस RD पर पाँच साल की अवधि के लिए लगभग 6.7% ब्याज मिलता है। यह दर SBI और कई अन्य बैंकों से थोड़ी ज़्यादा है। इसलिए, अगर आप हर महीने छोटी राशि जमा करके निवेश करना चाहती हैं, तो पोस्ट ऑफिस की RD एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प हो सकती है।
1,00,000 रुपए में कहां मिलेगा ज्यादा रिटर्न?
मान लीजिए आपने 1,00,000 रुपए पोस्ट ऑफिस FD में 5 साल के लिए लगाए। 6.7% वार्षिक ब्याज दर पर आपको मैच्योरिटी के समय अच्छी खासी रकम मिलेगी। दूसरी ओर, अगर यही राशि SBI FD में 6% या 6.5% ब्याज दर पर लगाई जाए, तो मैच्योरिटी की राशि थोड़ी कम होगी।
अगर आपकी प्राथमिकता सुरक्षित निवेश और बेहतर ब्याज दर है, तो पोस्ट ऑफिस FD या RD SBI से बेहतर साबित होगी। हालांकि अगर आपको बैंकिंग सुविधाएं आसान चाहिए और SBI की ब्रांच या ऑनलाइन सर्विस आपके लिए सुविधाजनक है, तो आप SBI FD भी चुन सकती हैं।
