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Vodafone Idea:वोडाफोन-आइडिया ने सरकार से 24747 करोड़ की मांगी राहत, कुल 2 लाख करोड़ का बकाया

Vodafone Idea: वोडाफोन आइडिया को मोहलत खत्म होने से कम-से-कम 13 महीने पहले बैंक गारंटी देना जरूरी है।कंपनी ने 2022 और 2024 के स्पेक्ट्रम नीलामी नियमों के आधार पर राहत का हवाला दिया है जिसमें वार्षिक किस्तों के लिए बैंक गारंटी देने का प्रावधान हटा दिया गया है।

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वोडाफोन आइडिया को मिलेगी राहत

Vodafone Idea:कर्ज के बोझ से दबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लि. (वीआईएल) ने सितंबर, 2025 में देय स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए 24,747 करोड़ रुपये की वित्तीय बैंक गारंटी पर छूट मांगने के लिए दूरसंचार विभाग से संपर्क किया है।वोडाफोन आइडिया को भुगतान की नियत तिथि से एक साल पहले वार्षिक किस्त की गारंटी देने की जरूरत है। यह भुगतान उन स्पेक्ट्रम के लिए किया जाना है जिन्हें वोडाफोन आइडिया ने 2022 से पहले आयोजित नीलामियों में खरीदा था। कंपनी ने 2022 में सरकारी राहत पैकेज के तहत स्वीकृत स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए चार साल की मोहलत का विकल्प चुना था।

वोडाफोन आइडिया पर कितना बकाया

वोडाफोन आइडिया को संबंधित मोहलत अवधि खत्म होने से कम-से-कम 13 महीने पहले बैंक गारंटी देना जरूरी है।कंपनी ने 2022 और 2024 के स्पेक्ट्रम नीलामी नियमों के आधार पर राहत का हवाला दिया है जिसमें वार्षिक किस्तों के लिए बैंक गारंटी देने का प्रावधान हटा दिया गया है।वीआईएल पर 31 मार्च, 2024 तक सरकार का कुल 2,03,430 करोड़ रुपये बकाया था। कुल बकाया में 1,33,110 करोड़ रुपये का स्थगित स्पेक्ट्रम भुगतान दायित्व और 70,320 करोड़ रुपये का एजीआर भुगतान शामिल है।

मंत्रायलय का क्या है रुख

एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा कि वोडाफोन आइडिया ने सितंबर, 2025 में देय 24,747 करोड़ रुपये की वित्तीय बैंक गारंटी के लिए दूरसंचार विभाग से छूट मांगी है। स्पेक्ट्रम नीलामी नियमों के अनुरूप वित्तीय बैंक गारंटी को नियत तिथि से एक साल पहले जमा करने का प्रावधान है। इस संबंध में टिप्पणी के लिए दूरसंचार कंपनी को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला।

यह भुगतान उन स्पेक्ट्रम के लिए किया जाना है जिन्हें वोडाफोन आइडिया ने 2022 से पहले आयोजित नीलामियों में खरीदा था। कंपनी ने 2022 में सरकारी राहत पैकेज के तहत स्वीकृत स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए चार साल की मोहलत का विकल्प चुना था।वर्ष 2016 तक आयोजित स्पेक्ट्रम नीलामी से संबंधित भुगतान दायित्वों के स्थगन की अवधि अक्टूबर, 2025 और सितंबर, 2026 के बीच समाप्त हो रही है।कंपनी ने समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) भुगतान पर भी स्थगन का विकल्प चुना है जो मार्च, 2026 में खत्म हो रहा है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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