Vodafone Idea Share Price Target 2026: वोडाफोन आइडिया के शेयर में सोमवार 4 मई को 8% का जोरदार उछाल देखने को मिला है।आखिरी सत्र में शेयर ₹10.22 पर बंद हुआ, वहीं सोमवार को करीब 8 फीसदी की तेजी के साथ ₹11 रुपये तक उछल गया। शेयर में यह तेजी केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) पर मिली ₹23,649 करोड़ की राहत की रहात के बाद आई है।
1 साल में 48% भागा शेयर
Vodafone Idea के शेयर में हालिया ट्रेडिंग के दौरान मजबूत मोमेंटम देखने को मिला है। स्टॉक 10.22 रुपये के स्तर से उछलकर 11.00 रुपये तक पहुंचा, जो करीब 7.6% की तेजी को दर्शाता है। पिछले एक महीने में शेयर में लगभग 21% और एक साल में करीब 48% की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि खबर-आधारित ट्रिगर्स के साथ इसमें शॉर्ट टर्म में तेज मूव देखने को मिल रहा है। हालांकि, यह तेजी अभी सेंटिमेंट-ड्रिवन है, इसलिए टिकाऊ अपट्रेंड के लिए फंडिंग, ARPU ग्रोथ और नेटवर्क विस्तार जैसे फंडामेंटल ट्रिगर्स अहम रहेंगे।
पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए पुश
वोडाफोन आइडिया के लिए AGR में राहत देश के पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए पॉजिटिव संकेत है। इससे एक तरफ जहां कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को सरकार की ओर से लाइफलाइन मिल गई है। वहीं, पूरी टेलीकॉम सेक्टर को संकेत गया है कि सरकार इस सेक्टर की चुनौतियों को समझते हुए सकारात्मक कदम उठा रही है।
कैसे मिली वोडाफोन आइडिया को राहत?
वोडाफोन आइडिया में सरकार की हिस्सेदारी 49% के करीब है। इस तहर कंपनी में सरकार सबसे बड़ी हिस्सेदार है। सरकार को यह हिस्सेदारी कंपनी की तरफ से असल में AGR के बदले ही मिली है। फिलहाल, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने कंपनी के समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाये में ₹23,649 करोड़ की भारी कटौती की है। इस राहत के बाद कुल बकाया ₹87,695 करोड़ से घटकर मात्र ₹64,046 करोड़ रह गया है। इस मेगा रिलीफ ने न केवल कंपनी पर मंडरा रहे अस्तित्व के संकट को पूरी तरह टाल दिया है, बल्कि निवेशकों के बीच भी एक नई उम्मीद जगा दी है।
री-पेमेंट का आसान शेड्यूल
DoT की समिति ने वोडाफोन आइडिया को बकाये के भुगतान के लिए एक लंबी और सुविधाजनक समय-सीमा दी है। नई योजना के तहत कंपनी को वित्त वर्ष 2031-32 से वित्त वर्ष 2034-35 तक यानी चार वर्षों तक न्यूनतम ₹100 करोड़ का वार्षिक भुगतान करना होगा। इसके बाद, बची हुई शेष राशि को वित्त वर्ष 2035-36 से वित्त वर्ष 2040-41 के बीच छह समान किस्तों में चुकाया जाएगा। इस पेमेंट स्ट्रक्चर से कंपनी को अपने ऑपरेशंस और नेटवर्क सुधारने के लिए पर्याप्त कैश-फ्लो मिल जाएगा।
अब फंड जुटाने पर फोकस
सरकार से मिली इस बड़ी राहत से वोडाफोन आइडिया तेजी से फंड जुटाने पर जोर दे रही है। कंपनी ने ₹45,000 करोड़ के 3-वर्षीय कैपेक्स (Capex) प्लान भी पेश किया है, जिसके तहत ₹25,000 करोड़ का बैंक लोन और ₹10,000 करोड़ की गैर-निधि सुविधा जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इस राशि का उपयोग 4G कवरेज के विस्तार और 5G रोलआउट को आक्रामक तरीके से पूरा करने में करेगी।
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