Vodafone Idea: संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि कैश संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया (Vi) का अधिग्रहण करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। दरअसल काफी समय से ऐसी अटकलें थी कि वीआई को बचाने के लिए केंद्र सरकार इसका अधिग्रहण कर सकती है। मगर अब चौहान ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। संसद में सवाल हुआ था कि क्या सरकार का घाटे में चल रही वीआई का अधिग्रहण करने की कोई योजना है? इस सवाल के जवाब में चौहान ने कहा कि विभाग के सामने ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
वीआई में सबसे बड़ी हिस्सेदार है सरकार
केंद्र सरकार इस साल फरवरी में 33.1% हिस्सेदारी के साथ वीआई में सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई। दरअसल दूरसंचार विभाग ने 16,133 करोड़ रुपये के स्थगित एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया पर बने ब्याज को इक्विटी में बदल दिया। इससे सरकार की वीआई में हिस्सेदारी 33 फीसदी से अधिक बन गई।
लेकिन सरकार यह कहती रही है कि उसने यह कदम केवल वीआई को वित्तीय राहत देने के लिए उठाया है और उसकी इसे चलाने या कंट्रोल में लेने की कोई योजना नहीं है। संकट में चल रही वीआई इक्विटी और डेब्ट के जरिए जुटाने की कोशिश कर रही है।
सरकार का नहीं कोई दखल
सबसे बड़ी शेयरधारक होने के बावजूद, सरकार यूके के वोडाफोन ग्रुप पीएलसी और भारत के आदित्य बिड़ला ग्रुप (एबीजी) के बीच जॉइंट वेंचर वाली वीआई के रोजमर्रा के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती है। कंपनी को वैधानिक भुगतान (एजीआर) करने के लिए कई बार एक्सटेंशन दिए गए हैं। इसीलिए यह इस देरी पर ब्याज का भुगतान कर रही है।
