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Vodafone Idea: वोडाफोन आइडिया का 4G-5G के लिए बड़ा दांव, कर लिया 30,000 करोड़का सौदा

Vodafone Idea Investment: वोडाफोन आइडिया ने नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ तीन साल की अवधि में नेटवर्क उपकरणों की आपूर्ति के लिए करीब 3.6 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) का एक बड़ा सौदा किया है। इसके जरिए 4जी और 5जी नेटवर्क उपकरणों की आपूर्ति होगी।

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वोडाफोन आइडिया।

Vodafone Idea Investment:कर्ज के बोझ से दबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) ने 4जी और 5जी नेटवर्क उपकरणों की आपूर्ति के लिए नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग को 30,000 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है। यह अनुबंध तीन साल के लिए है। यह इस साल किसी भी भारतीय दूरसंचार परिचालक द्वारा दिया गया सबसे बड़ा सौदा है।कंपनी ने इससे पहले तीन साल में 6.6 अरब डॉलर या 55,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की घोषणा की थी। यह सौदा इस दिशा में पहला कदम है।

4G और 5G पर फोकस

कंपनी ने बयान में कहा कि वोडाफोन आइडिया ने नोकिया, एरिक्सन और सैमसंग के साथ तीन साल की अवधि में नेटवर्क उपकरणों की आपूर्ति के लिए करीब 3.6 अरब डॉलर (करीब 30,000 करोड़ रुपये) का एक बड़ा सौदा किया है। बयान में कहा गया है कि इस पूंजीगत व्यय कार्यक्रम का लक्ष्य 4जी आबादी के दायरे को 1.03 अरब से बढ़ाकर 1.2 अरब करना, प्रमुख बाजारों में 5जी सेवा शुरू करना और डेटा की वृद्धि के अनुरूप क्षमता का विस्तार करना है। बयान में कहा गया है कि 1.2 अरब भारतीयों तक 4जी सेवा (कवरेज) का विस्तार कंपनी की शीर्ष प्राथमिकता है।

21 करोड़ कस्टमर

वीआईएल के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि यह एक नए दौर की शुरुआत है।उन्होंने कहा, इसके बाद से वीआईएल उद्योग के वृद्धि अवसरों में प्रभावी रूप से भाग लेने के लिए एक कुशल बदलाव करेगा। नोकिया और एरिक्सन शुरुआत से ही हमारे साझेदार रहे हैं और यह उस निरंतर साझेदारी में एक और मील का पत्थर है।उन्होंने कहा कि सैमसंग के साथ अपनी नई साझेदारी शुरू करके हमें खुशी हो रही है। हम 5जी युग में आगे बढ़ने के साथ अपने सभी भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।

वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) अगस्त 2018 में वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के विलय से बनी थी। उस समय इसका ग्राहक आधार 40.8 करोड़ था और यह सबसे बड़ी दूरसंचार परिचालक थी।दूरसंचार नियामक ट्राई के आंकड़ों के अनुसार वीआईएल के पास अब 21.5 करोड़ मोबाइल सेवा ग्राहक रह गए हैं।कंपनी ने हाल ही में इक्विटी बिक्री के माध्यम से 24,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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