साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के अध्यक्ष जोसेफ विजय जिन्हें प्रशंसक थलापति विजय (vijay thalapathy) के नाम से जानते हैं, अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी सादगी और अनुशासन के लिए मशहूर हैं। हाल ही में उनकी संपत्ति और निवेश पोर्टफोलियो (Portfolio) से जुड़ी कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। जहां आज के समय में हर कोई म्यूचुअल फंड की ओर भाग रहा है, वहीं विजय ने इस लोकप्रिय निवेश विकल्प से पूरी तरह दूरी बना रखी है। उनके पास करोड़ों का बैंक बैलेंस और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तो है, लेकिन म्यूचुअल फंड में उनका निवेश शून्य है। ऐसे में आइए जानते हैं कि FD में करोड़ों का निवेश करने वाले विजय थलापति ने म्यूचुअल फंड से क्यों दूरी बना ली है?
FD पर अटूट भरोसा
विजय के निवेश पोर्टफोलियो पर नजर डालें तो पता चलता है कि वह पारंपरिक और सुरक्षित निवेश के बड़े शौकीन हैं। उनके पास फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में एक विशाल धनराशि जमा है। आंकड़ों के अनुसार, विजय ने अलग अलग बैंकों में 100 करोड़ रुपये की एफडी करा रखी है। उनके लिए एफडी केवल बचत का जरिया नहीं, बल्कि वित्तीय सुरक्षा का एक ठोस स्तंभ है। एक ऐसे उद्योग में जहां आय अस्थिर हो सकती है, विजय ने अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने का फैसला किया है।
सुपरस्टार और राजनेता जोसेफ विजय के निवेश पोर्टफोलियो पर नज़र डालें, तो उनकी निवेश रणनीति बेहद सुरक्षित और पारंपरिक नज़र आती है। उनके पास विभिन्न बैंकों में करोड़ों रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बैंक बैलेंस मौजूद है। प्रमुख रूप से, एक्सिस बैंक (इंद्रा नगर) में 40 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक (कोडमबक्कम) में 25 करोड़ रुपये, एचडीएफसी बैंक (बेसेंट नगर) में 20 करोड़ रुपये और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (शास्त्री नगर) में 15 करोड़ रुपये जमा हैं। कुल मिलाकर, 313 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बैंक डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित रखी गई है, जो कम जोखिम और अनुमानित रिटर्न के प्रति उनके झुकाव को दर्शाती है.
शेयर बाजार में निवेश
शेयर बाजार में विजय की हिस्सेदारी उनकी कुल संपत्ति के मुकाबले काफी कम है। उनकी कुल इक्विटी होल्डिंग केवल 19.37 लाख रुपये की है, जिसमें मुख्य रूप से जया नगर प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड (19.03 लाख रुपये) के शेयर शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने इंडियन ओवरसीज बैंक और सन पेपर मिल लिमिटेड में भी कुछ छोटे निवेश किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनके पोर्टफोलियो में कोई म्यूचुअल फंड, बॉन्ड या डिबेंचर शामिल नहीं है। 624 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति वाले व्यक्ति के लिए इक्विटी में 0.04 प्रतिशत से भी कम का यह निवेश उनकी बेहद रूढ़िवादी (conservative) वित्तीय सोच को उजागर करता है।
म्यूचुअल फंड से दूरी का कारण
यह काफी दिलचस्प है कि विजय ने शेयर बाजार की तीन प्रमुख कंपनियों में निवेश कर रखा है, लेकिन उन्होंने म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) को नहीं छुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे उनकी व्यक्तिगत वित्तीय समझ या 'रिस्क मैनेजमेंट' (Risk Management) की सोच हो सकती है। म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं, जबकि एफडी में रिटर्न की गारंटी होती है। विजय शायद उस श्रेणी के निवेशक हैं जो अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता देते हैं और बाजार की अनिश्चितताओं में नहीं फंसना चाहते।
शेयर बाजार और बैंक बैलेंस
भले ही उन्होंने म्यूचुअल फंड में पैसा न लगाया हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें निवेश की समझ नहीं है। विजय के पास शेयर बाजार की चुनिंदा तीन बड़ी कंपनियों के स्टॉक हैं, जिनकी वैल्यू करोड़ों में है। इसके अलावा, उनके बैंक अकाउंट में 213 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी (Cash) होने की बात भी सामने आई है। यह दिखाता है कि उनके पास लिक्विडिटी (Liquidity) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने अपनी संपत्ति को इस तरह बांटा है कि उन्हें नियमित ब्याज भी मिलता रहे और जरूरत पड़ने पर पैसा तुरंत उपलब्ध भी हो।
सोना और रियल एस्टेट
हाल ही में यह खबर भी चर्चा में रही कि विजय ने करोड़ों के सोने में निवेश किया है या दान देने की बात की है। उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा रियल एस्टेट और कीमती धातुओं में भी लगा हुआ है। चुनावी हलफनामे के विवरण के अनुसार, उनके पास करोड़ों रुपये मूल्य के सोने और आभूषण भी हैं जो उनकी वित्तीय स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। शेयर बाजार में निवेश की बात करें तो विजय के पास कुछ कंपनियों के इक्विटी शेयर हैं, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 20 लाख रुपये है। उनके इस इक्विटी निवेश में मुख्य रूप से जया नगर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के 19,03,000 रुपये के शेयर और इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) में 9,600 रुपये का निवेश शामिल है।
