Venezuela Missile Attacks: वेनेजुएला से क्या-क्या मंगाता है भारत?
- Authored by: रिचा त्रिपाठी
- Updated Jan 3, 2026, 06:13 PM IST
वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर मिसाइल हमलों के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि इस संकट का भारत पर क्या असर पड़ सकता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि भारत का वेनेजुएला के साथ व्यापारिक रिश्ता कितना अहम है और भारत वहां से किन-किन जरूरी चीजों का आयात करता है।
US Strikes Venezuela
वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हालिया मिसाइल हमलों के बाद दुनिया भर में चिंता का माहौल है। इस तनाव का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई पर भी इसके प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में भारत के लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि वेनेजुएला से उसका व्यापारिक रिश्ता क्या है और भारत वहां से किन-किन चीजों का आयात करता है।
सबसे ज्यादा ये चीज लेता है भारत
भारत और वेनेजुएला के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी कच्चा तेल रहा है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में गिना जाता है। भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और लंबे समय तक वेनेजुएला भारत के लिए एक अहम सप्लायर रहा है। खासतौर पर भारतीय रिफाइनरियों के लिए वेनेजुएला का भारी किस्म का कच्चा तेल काफी उपयोगी माना जाता है, क्योंकि यह पेट्रोल और डीज़ल जैसे उत्पादों में बेहतर रूप से बदला जा सकता है।
हालांकि, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और राजनीतिक अस्थिरता के चलते पिछले कुछ वर्षों में भारत का तेल आयात घटा-बढ़ा है। फिर भी जब भी हालात अनुकूल रहे, भारत ने वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदा है। ऐसे में अगर वहां हालिया सैन्य तनाव लंबा खिंचता है, तो भारत को दूसरे देशों से महंगे विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
ये भी चीज लेता है भारत
कच्चे तेल के बाद भारत वेनेजुएला से एल्युमिनियम भी आयात करता है। एल्युमिनियम का इस्तेमाल भारत में ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन, बिजली उपकरण और पैकेजिंग जैसे कई क्षेत्रों में होता है। वेनेजुएला के पास एल्युमिनियम उत्पादन की अच्छी क्षमता रही है और भारत वहां से सीमित लेकिन जरूरी मात्रा में यह धातु मंगाता रहा है।
इसके अलावा भारत वेनेजुएला से स्क्रैप धातुएं भी खरीदता है। इनमें मुख्य रूप से स्क्रैप लोहा और स्क्रैप तांबा शामिल होता है। इनका इस्तेमाल भारत के स्टील और रीसाइक्लिंग उद्योग में किया जाता है। भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों के चलते स्क्रैप मेटल की मांग लगातार बनी रहती है।
मेटल्स भी लेता है भारत
वेनेजुएला से आयात होने वाली लिस्ट में लोहे और स्टील से जुड़े कुछ अर्ध-प्रसंस्कृत उत्पाद भी शामिल हैं। ये सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर नहीं आते, लेकिन कुछ खास उद्योगों के लिए उपयोगी माने जाते हैं। इसके साथ ही तांबा, जिंक और लेड जैसी धातुओं की भी सीमित मात्रा भारत मंगाता है।
कुछ मामलों में भारत वेनेजुएला से ऑर्गेनिक केमिकल्स और लकड़ी से बने उत्पाद भी आयात करता है। हालांकि इनका हिस्सा कुल व्यापार में काफी छोटा है, लेकिन यह दिखाता है कि दोनों देशों का व्यापार सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है।
इस चीज पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
भारत-वेनेजुएला व्यापार पर सबसे ज्यादा असर हमेशा भू-राजनीतिक तनाव का रहा है। अमेरिका के प्रतिबंधों की वजह से कई बार भुगतान और शिपमेंट में दिक्कतें आई हैं। फिर भी भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक रास्तों और समझौतों के जरिए वेनेजुएला के साथ संपर्क बनाए रखने की कोशिश की है।
अगर मौजूदा हालात में सैन्य तनाव बढ़ता है और तेल सप्लाई बाधित होती है, तो इसका असर भारत की ऊर्जा लागत पर पड़ सकता है। इससे कच्चा तेल महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर दिख सकता है। हालांकि भारत ने रूस, सऊदी अरब और इराक जैसे देशों से भी तेल आयात बढ़ाया है, जिससे जोखिम कुछ हद तक संतुलित रहता है।
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