उच्चतम न्यायालय ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के अधिग्रहण से जुड़े राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश में हस्तक्षेप करने से सोमवार को इनकार कर दिया।
एनसीएलएटी ने अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली के जरिये जेएएल के अधिग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद वेदांता लिमिटेड ने इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया। इस खबर के बाद अदाणी डानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 3% से अधिक का उछाल आया। शीर्ष अदालत ने साथ ही जेएएल की निगरानी समिति पर NCLAT की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी बड़ा नीतिगत निर्णय लेने पर रोक लगा दी।
NCLAT के पास जाने का आदेश
अदालत ने वेदांता लिमिटेड और सफल समाधान आवेदक अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड से कहा कि वे अपने तर्क एवं प्रतिदावे एनसीएलएटी के समक्ष रखें। एनसीएलएटी इस विवाद पर 10 अप्रैल से अंतिम सुनवाई शुरू करेगा। एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने जेएएल की ऋणदाता समिति (सीओसी) से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा था और मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की थी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने अदाणी समूह द्वारा जेएएल के अधिग्रहण से जुड़े विवाद पर दायर याचिका और जवाबी याचिका पर एनसीएलएटी से शीघ्र निर्णय लेने को कहा। इससे पहले वेदांता लिमिटेड ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर अदाणी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को मंजूरी देने वाले आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया था।
वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी अपील
वेदांता ने 25 मार्च को यह अपील दायर की थी जो एनसीएलएटी द्वारा 24 मार्च को योजना के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करने के एक दिन बाद की गई थी। दिवाला अपीलीय अधिकरण ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा जेएएल के अधिग्रहण के लिए अदाणी समूह की बोली को मंजूरी देने वाले आदेश के खिलाफ वेदांता समूह की याचिका पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए वेदांता समूह ने एनसीएलएटी में दो अपील दायर की हैं। पहली अपील में समाधान योजना की वैधता को जबकि दूसरी में ऋणदाता समिति एवं एनसीएलटी द्वारा योजना को दी गई मंजूरी को चुनौती दी गई है।
