Vedanta Group:वेदांता ग्रुप अपने स्टील कारोबार को बेचने की तैयारी में है। और इसके लिए सही कीमत का इंतजार कर रहे हैं। इसके पहले ऐसी अटकलें थी कि ग्रुप मार्च 2024 तक स्टील कारोबार को बेच देगा। इसके अलावा ग्रुप अगले 4 साल में भारत में 20 अरब डॉलर निवेश करने की तैयारी में है। जिसमें प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और शीशा कारोबार के अलावा अन्य गतिविधियों पर निवेश किया जाएगा। इस समय ग्रुप पर करीब कंपनी 12 अरब डॉलर का लोन है। जिसको लेकर कई बार सवाल उठ चुके है। हालांकि कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इस कर्ज को लेकर बहुत परेशान नजर नहीं आते हैं।
चेयरमैन ने क्या कहा
कर्ज की स्थिति को लेकर चिंताओं पर चेयरमैन अनिलअग्रवाल ने कहा कि कंपनी का कुल लोन में केवल 12 अरब डॉलर है और ऐसा लगता है कि इसे संभाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि समूह अगले चार साल में देश के भीतर अपने सभी व्यवसायों में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का लक्ष्य तय कर रहा है।
यह निवेश वेदांता समूह के प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और शीशा कारोबार के अलावा अन्य गतिविधियों पर केंद्रित होगा। अग्रवाल ने कहा कि स्मार्टफोन और लैपटॉप बनाने में जरूरी सेमीकंडक्टर और शीशा भविष्य को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण हैं और समूह दोनों कैटेगरी में मौजूद है। सेमीकंडक्टर संयंत्र के लिए समूह के पास गुजरात में जमीन है और वह इसके लिए मजबूत और विश्वस्त साझेदार की तलाश में है।
स्टील कारोबार बेचने के लिए इसका इंतजार
उन्होंने कहा कि समूह इस्पात कारोबार को सही कीमत पर ही बेचेगा और सही कीमत नहीं मिलने पर इसे चलाते रहने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सही कीमत मिलने पर ही इस बारे में सोचा जाएगा।समूह के इस्पात कारोबार के मार्च, 2024 तक बिकने की अटकलें थीं।कंपनी के कर्ज की स्थिति को लेकर चिंताओं पर अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का कुल ऋण वर्तमान में केवल 12 अरब डॉलर है और ऐसा लगता है कि इसे संभाला जा सकता है।उन्होंने कहा कि समूह ने कभी भी अपनी किसी भी ऋण प्रतिबद्धताओं में चूक नहीं की है।
