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अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2 साल की सबसे तेज रफ्तार पर, जानें कैसे?

US Economy: अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने इस साल जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.3 प्रतिशत की दर से बढ़त दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में सबसे तेज है। इस तेजी के पीछे उपभोक्ता खर्च, सरकारी व्यय और निर्यात में मजबूती रही। यह वृद्धि विशेषज्ञों के अनुमान से कहीं अधिक है और अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में मजबूती को दर्शाती है।

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अमेरिकी जीडीपी में उछाल: जुलाई-सितंबर तिमाही में सबसे तेज वृद्धि (तस्वीर-istock)

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US Economy: अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले दो वर्षों में सबसे तेज है। यह वृद्धि विशेषज्ञों के अनुमान से कहीं अधिक रही। फैक्टसेट जैसी डेटा फर्म ने इस तिमाही में केवल 3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। अमेरिकी वाणिज्य विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि इस तेजी के पीछे उपभोक्ता खर्च, सरकारी व्यय और निर्यात में मजबूती रही। अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत थी, इसलिए यह नई तिमाही पहले की तुलना में तेज वृद्धि दिखाती है।

उपभोक्ता खर्च और सरकारी निवेश में मजबूती

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाला उपभोक्ता खर्च पिछली तिमाही में 3.5 प्रतिशत बढ़ा। इसका मतलब है कि लोग सामान और सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। वहीं, सरकार का उपभोग और निवेश 2.2 प्रतिशत बढ़ा। इसमें राज्य और स्थानीय स्तर पर किए गए खर्च और संघीय रक्षा व्यय का योगदान रहा।

व्यवसाय निवेश में गिरावट

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निजी व्यवसाय निवेश में 0.3 प्रतिशत की कमी आई। हालांकि, यह गिरावट जून तिमाही में आई 13.8 प्रतिशत की तेज गिरावट से काफी कम है। इसका मतलब है कि व्यवसायों की निवेश गतिविधियां धीरे-धीरे स्थिर हो रही हैं।

निर्यात बढ़ा, आयात घटा

इस अवधि में अमेरिकी निर्यात में 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, आयात में 4.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसका मतलब है कि अमेरिका का व्यापार संतुलन सुधार की ओर है।

मुद्रास्फीति का दबाव

हालांकि अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, मुद्रास्फीति अभी भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की वांछनीय सीमा से ऊपर है। फेड का पसंदीदा महंगाई संकेतक, निजी उपभोग व्यय सूचकांक (PCE), जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर 2.8 प्रतिशत हो गया, जबकि जून तिमाही में यह 2.1 प्रतिशत था। इससे पता चलता है कि कीमतों में तेजी अभी भी जारी है।

फेडरल रिजर्व की नीति और ब्याज दरें

मुद्रास्फीति के दबाव के बावजूद, अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने 2025 के अंत तक लगातार तीन बार ब्याज दरें कम की हैं। इसका प्रमुख कारण श्रम बाजार में आई कमजोरी है। अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए यह कदम उठाया गया।

रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति

पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में अमेरिका में केवल 64,000 नई नौकरियां जुड़ीं। अक्टूबर में रोजगार में 1.05 लाख की गिरावट दर्ज की गई थी। इस बीच बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जो 2021 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। यह संकेत है कि रोजगार बाजार पूरी तरह मजबूत नहीं है और इसमें सुधार की जरूरत है।

बुनियादी मजबूती के संकेत

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती को दर्शाने वाला सूचकांक तीन प्रतिशत बढ़ा। यह जून तिमाही में 2.9 प्रतिशत था। इसका मतलब है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मूल घटक, जैसे उपभोक्ता खर्च और सरकारी निवेश, अभी भी सकारात्मक दिशा में हैं।

कुल मिलाकर, अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस तिमाही में तेजी दिखा रही है। उपभोक्ता खर्च और निर्यात ने वृद्धि को समर्थन दिया, जबकि व्यवसाय निवेश और रोजगार बाजार में कमजोरी देखने को मिली। मुद्रास्फीति और बेरोजगारी जैसे दबावों के बावजूद फेडरल रिजर्व ने नीति में बदलाव करके अर्थव्यवस्था को संतुलित करने की कोशिश की है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगे की तिमाहियों में भी यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुद्रास्फीति और रोजगार के आंकड़े अर्थव्यवस्था की गति को कैसे प्रभावित करते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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