UPI Without Internet : डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। जल्द ही ऐसा समय आ सकता है, जब इंटरनेट न होने पर भी UPI से भुगतान किया जा सकेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक ऐसी नई सुविधा पर काम कर रहा है, जिससे लोग बिना इंटरनेट के भी दुकानों या अन्य जगहों पर UPI के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इस नई तकनीक का सबसे ज्यादा फायदा उन जगहों पर मिलेगा, जहां इंटरनेट नेटवर्क कमजोर होता है या बिल्कुल उपलब्ध नहीं होता, जैसे हवाई जहाज के अंदर या भूमिगत मेट्रो ट्रेनों में।
NFC तकनीक से होगा Tap-to-Pay भुगतान
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर उन जगहों के लिए बनाया गया है जहां कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है या भरोसेमंद नहीं है, जैसे कि हवाई जहाज के केबिन और जमीन के नीचे चलने वाली ट्रेनों का नेटवर्क। रिपोर्ट के अनुसार, यह नई सुविधा नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) तकनीक पर आधारित होगी। इसमें ग्राहक अपने NFC सपोर्ट वाले स्मार्टफोन को सिर्फ पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन पर टैप करेंगे और भुगतान पूरा हो जाएगा। इस सुविधा के तहत एक बार में अधिकतम 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में इंटरनेट कनेक्शन (Offline UPI) की जरुरत नहीं होगी और न ही हर बार UPI PIN दर्ज करना पड़ेगा।
पहले UPI Lite में जोड़ना होगा पैसा
इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को पहले इंटरनेट उपलब्ध होने पर अपने UPI Lite वॉलेट में पैसे जोड़ने होंगे। यानी जब आपके फोन में इंटरनेट होगा, तब आप UPI Lite में राशि लोड कर सकेंगे। इसके बाद अगर आप ऐसी जगह पहुंचते हैं, जहां इंटरनेट नहीं है, तब भी उसी बैलेंस का उपयोग करके आसानी से भुगतान कर पाएंगे। इससे यात्रा के दौरान या नेटवर्क न मिलने की स्थिति में भी डिजिटल पेमेंट करना आसान हो जाएगा।
फ्लाइट और अंडरग्राउंड मेट्रो में मिलेगा बड़ा फायदा
इस नई व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ उन स्थानों पर मिलेगा, जहां इंटरनेट सेवाएं सीमित होती हैं। उदाहरण के तौर पर, हवाई जहाज के अंदर सफर के दौरान या भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में अक्सर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में यात्रियों को खाने-पीने की चीजें खरीदने या अन्य सेवाओं का भुगतान करने में दिक्कत होती है। ऑफलाइन UPI Tap-to-Pay सुविधा आने के बाद ऐसी परेशानियां काफी हद तक खत्म हो सकती हैं।
PoS मशीनों को मिलेगा NPCI का सर्टिफिकेट
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सुविधा को लागू करने के लिए PoS मशीन बनाने वाली कंपनियों को NPCI से विशेष सर्टिफिकेट लेना होगा। सर्टिफिकेट मिलने के बाद कंपनियां अपने टर्मिनलों में ऑफलाइन UPI भुगतान की सुविधा जोड़ सकेंगी। इसके बाद व्यापारी भी बिना इंटरनेट के ग्राहकों से डिजिटल भुगतान स्वीकार कर सकेंगे। इससे देशभर में ऑफलाइन डिजिटल पेमेंट का दायरा और मजबूत होने की उम्मीद है।
2026 में शुरू हो सकती है प्रक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI वर्ष 2026 से प्रमुख PoS टर्मिनल निर्माताओं के उपकरणों का प्रमाणन शुरू कर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे यह सुविधा बाजार में उपलब्ध होने लगेगी। हालांकि, अभी तक NPCI की ओर से इस फीचर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
डिजिटल पेमेंट को मिलेगा नया आयाम
अगर यह सुविधा शुरू होती है, तो भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम को एक नई ताकत मिलेगी। इससे इंटरनेट पर निर्भरता कम होगी और लोग नेटवर्क न होने पर भी आसानी से भुगतान कर सकेंगे। खासकर यात्रियों, व्यापारियों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। UPI ने पहले ही भारत में डिजिटल लेनदेन को आसान बनाया है और अब ऑफलाइन Tap-to-Pay जैसी सुविधा इसके उपयोग को और अधिक सुविधाजनक और व्यापक बना सकती है।
