बिजनेस

UPI Credit Card: UPI क्रेडिट कार्ड भी हुआ हिट ! एक महीने में 10,000 करोड़ का लेन-देन

UPI Credit Card: पिछले कुछ समय से जिस तरह पर्सनल लोन की डिमांड बढ़ी है। उसने आरबीआई की चिंताएं पहले ही बढ़ा रखी है। पर्सनल लोन में सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और डिफॉल्ट के मामले सामने आए हैं।

Image

यूपीआई सर्विस

UPI Credit Card: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के यूपीआई प्लेटफॉर्म (UPI) की क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सुविधा की तेजी से डिमांड बढ़ी है। इसके जरिए एक महीने में करीब 10,000 करोड़ रुपये का लेनदेन हो रहा है। नवंबर, 2022 में क्रेडिट कार्ड सुविधा शुरू की। इसके तहत एक उपयोगकर्ता अपने क्रेडिट कार्ड को ऐप से जोड़ सकता है। इससे सभी मासिक भुगतान क्रेडिट कार्ड बिल में जुड़ जाते हैं। इसके अलावा यूपीआई पर पहले से प्री अप्रूव्ड लोन सुविधा से महीने में 200 करोड़ रुपये के लोन दिए गए हैं।

क्या है इसका मतलब

एनपीसीआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक दिलीप अस्बे के अनुसार कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) पर पहले से स्वीकृत कर्ज सुविधा भी जोर पकड़ रही है और हर महीने इसके माध्यम से 200 करोड़ रुपये तक वितरित किये जा रहे हैं। अस्बे ने कहा कि यूपीआई पर पहले से स्वीकृत ‘क्रेडिट लिमिट’ (कर्ज सीमा) सुविधा की बात आती है तो आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे है। लगभग आधा दर्जन बैंकों ने अपने ग्राहकों के लिए यह सुविधा शुरू की है।यह बात ऐसे समय सामने आई है जब क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत ऋण जैसे असुरक्षित माने जाने कर्ज में तेजी से वृद्धि पर चिंता जतायी जा रही है।

यूपीआई व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला मंच है। इसमें जुलाई में 46.6 करोड़ लेनदेन हुए।उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) का उद्देश्य यूपीआई के साथ प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। सीबीडीसी में ऐसी कई विशेषताएं हैं जो भारत के लिए बहुत उपयोगी साबित होंगी।

पर्सनल लोन की डिमांड ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ समय से जिस तरह पर्सनल लोन की डिमांड बढ़ी है। उसने आरबीआई की चिंताएं पहले ही बढ़ा रखी है। पर्सनल लोन में सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल और डिफॉल्ट के मामले सामने आए हैं। आरबीआई को लगता है कि लोग अपनी शौक और जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन जरूरत से ज्यादा ले रहे हैं। जो रिस्क बढ़ा रहा है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article