UP RERA: उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को 13 जिलों में कुल 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में फ्लैट, विला, दुकानों और भूखंडों का विकास शामिल है। यूपी रेरा की 198वीं बैठक में स्वीकृत इन परियोजनाओं से कुल 7,830 इकाइयों का निर्माण होगा। यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि मंजूरी मिलने वाली परियोजनाओं में आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गौतमबुद्ध नगर जिले ने निवेश और परियोजनाओं की संख्या दोनों में सबसे आगे है।
गौतमबुद्ध नगर में सबसे ज्यादा परियोजनाएं
गौतमबुद्ध नगर जिले में सबसे अधिक पांच परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें ग्रेटर नोएडा की तीन वाणिज्यिक, एक आवासीय और एक मिश्रित भूमि उपयोग परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं में फ्लैट, विला और दुकानों समेत कुल 2,969 इकाइयां विकसित की जाएंगी। अनुमानित निवेश राशि 5,218.41 करोड़ रुपये है। यह जिले के लिए एक बड़ा रियल एस्टेट निवेश माना जा रहा है।
लखनऊ और आगरा में परियोजनाएं
राजधानी लखनऊ में चार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 651 इकाइयां विकसित होंगी और निवेश की कुल राशि 132.65 करोड़ रुपये है। आगरा में तीन आवासीय परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। भूसरेड्डी ने बताया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवासीय सुविधा बढ़ेगी और लोगों को नया घर खरीदने का विकल्प मिलेगा।
गाजियाबाद, मथुरा और मेरठ में रियल एस्टेट विकास
गाजियाबाद में तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिनमें दो वाणिज्यिक और एक आवासीय परियोजना शामिल है। इन पर कुल 83.85 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 468 इकाइयां विकसित की जाएंगी। मथुरा, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी, बांदा, सहारनपुर, हापुड़ और बाराबंकी में भी एक-एक परियोजना को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के लिए अनुमानित निवेश 6,800 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं में आवासीय इकाइयों का विकास मुख्य रूप से होगा।
नए निवेश से उम्मीदें
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक यूपी रेरा के अनुसार, इन परियोजनाओं के मंजूर होने से राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आएगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को बेहतर आवासीय व वाणिज्यिक विकल्प मिलेंगे। विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर और ग्रेटर नोएडा जैसे निवेशक केंद्रों में इन परियोजनाओं से शहर का आर्थिक विकास भी बढ़ेगा।
भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को पारदर्शिता और नियामक सुरक्षा प्रदान करना यूपी रेरा का मुख्य उद्देश्य है। इस प्रकार, निवेशक और खरीदार दोनों को भरोसा मिलेगा कि परियोजनाएं समय पर और तय नियमों के अनुसार पूरी होंगी।
इस तरह, यूपी रेरा ने 13 जिलों में 24 परियोजनाओं को मंजूरी देकर राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र को एक नई गति दी है। निवेशकों और घर खरीदने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है, जबकि राज्य के विकास और शहरों की आबादी के लिए यह सकारात्मक संकेत है।
