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UP Defence Corridor: यूपी बनेगा डिफेंस प्रोडक्शन का हब, जानें मिसाइल से लेकर कौन से बनेंगे हथियार

Defence Manufacturing Hub In UP: मेक इन इंडिया योजना के तहत उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का तेजी से विकास हो रहा है। छह जिलों में 5000 हेक्टेयर जमीन पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों समेत भारतीय कंपनियां हथियार, गोला बारूद से लेकर ब्रह्मोस मिसाइल तक निर्माण करेंगी।

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यूपी में बनेंगे देश के रक्षा उपकरण

Photo : BCCL

Defence Manufacturing Hub In UP: मेक इन इंडिया योजना के तहत भारत की डिफेंस इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है। पहले भारत रक्षा उपकरणों के सबसे बड़े आयातकों में से एक था। लेकिन मोदी सरकार इस स्थिति को बदलने की कोशिश में है। अब देश में ही एक बढ़कर एक हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश अहम योगदान निभा रहा है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियो ने यूपी में रुचि दिखाई। दिसंबर 2023 के आंकड़ों के मुताबिक डिफेंस कॉरिडोर में करीब 25 हजार करोड़ रुपए निवेश प्रस्ताव फाइनल हुए है। छह नोड्स में 138 एमओयू हो चुके हैं, इसके और बढ़ने की संभावना है। डिफेंस कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के छह जिले लखनऊ, अलीगढ़, झांसी, कानपुर, चित्रकूट और आगरा में विकसित किया जा रहा है। यहां सेना के लिए छोटे बड़े हथियारों से लेकर ब्रहमोस तक का निर्माण होगा। अडानी ग्रुप भी कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल निर्माण करने जा रहा है। यह दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स है।

Manufacturing of BrahMos Missile in UP

यूपी में डिफेंस कोरिडोर

यूपी में डिफेंस कॉरिडोर के लिए 5000 हेक्टेयर जमीन

Defence Manufacturing in UP

यूपी में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन

छह जिलों अलीगढ़, झांसी, कानपुर, आगरा, चित्रकूट और लखनऊ में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 5000 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इनमें से करीब 1700 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करके निवेशकों को दिया जा चुका है। झांसी में 1034 हेक्टेयर, लखनऊ में 150 हेक्टेयर, कानपुर में 200 हेक्टेयर, अलीगढ़ में 84 हेक्टेयर, अलीगढ़ में 84 हेक्टेयर, चित्रकूट में 101 हेक्टेयर निवेशकों को दी जा चुकी है। कानपुर, लखनऊ, अलीगढ़ में दूसरे चरण का अधिग्रहण किया जा रहा है।

यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए इन कंपनियों के साथ करार

उत्तर प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, ब्रह्मोस एरोस्पेस, टाटा टेक्नोलाजीज, डीआरडीओ, आप्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, एंकर रिसर्च लैब, जेनसेर, सेल, एमिटेक, एलन एंड एल्वन, डेल्टा कॉम्बेट, स्पाइसजेट टेक्नीक्स, वैरीविन डिफेंस, डेल्टा कॉम्बेट, हंस एनर्जी, ग्लाइडर्स इंडिया, आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू, बीईएमएल, एचएएल के साथ करार हुआ है।

यहां बनेंगे हथियार, गोला बारूद से लेकर ब्रह्मोस मिसाइल तक

लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल, एरोस्पेस क्लस्टर और एरो इंजन का निर्माण किया जाएगा। कानपुर में हथियार, पैराशूट, सैनिकों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट, सेना के लिए खास कपड़े और कलपुर्जों का निर्माण किया जाएगा। अलीगढ़ में छोटे हथियारों, मानवरहित ड्रोन और कलपुर्जों का निर्माण किया जाएगा। झांसी में हथियार, गोला बारूद का निर्माण किया जाएगा। साथ-साथ परीक्षण केंद्र भी बनाए जाएंगे। चित्रकूट में हथियारों का टेस्टिंग सेंटर बनेगा। आगरा में सेना के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और गैर प्रदूषणकारी यूनिट्स लगाए जाएंगे।

TNN Business Desk
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