Buy Gold Without PAN-Aadhaar : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तरफ से 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने (2000 Note Ban) के बाद बड़ी संख्या में लोग कैश यानी 2000 रुपये के नोटों से सोना (Gold) खरीद रहे हैं। मगर यहां भी एक नियम है। दरअसल कोई भी बिना PAN या Aadhaar के अनलिमिटेड सोना नहीं खरीद सकता। बिना आईडी प्रूफ/पैन कार्ड के कानूनी रूप से सोना खरीदने की एक लिमिट है। दूसरा सवाल यहां यह भी है कि क्या पैन कार्ड देने के बाद भी कैश से खरीदे जाने वाले सोने की क्वांटिटी की कोई सीमा है? आगे जानिए इन दोनों सवालों के जवाब।
जान लीजिए क्या है नियम
सरकार रत्न और ज्वेलरी सेक्टर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत लाकर कैश से सोना खरीदने के नियमों को सख्त कर चुकी है। सरकार ने इस मामले में 28 दिसंबर, 2020 को नोटिफिकेशन भी जारी किया था।
अधिनियम के तहत ज्वैलर्स अब रिपोर्टिंग एंटिटीज हैं, जिनके लिए उन्हें केवाईसी नियमों का पालन करना है। यानी तय सीमा से ऊपर के कैश लेनदेन के लिए खरीदार का पैन या आधार मांगना जरूरी है। साथ ही बड़े प्राइस के कैश लेनदेन यानी 10 लाख रुपये और इससे अधिक की सरकार को रिपोर्ट करना जरूरी है।
इनकम टैक्स के क्या हैं नियम
इनकम टैक्स कानून एक तय सीमा से अधिक कैश लेनदेन की अनुमति नहीं देते। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269 एसटी एक दिन में किसी व्यक्ति को 2 लाख रुपये से अधिक की नकद लेनदेन या किसी व्यक्ति से एक घटना या अवसर से संबंधित लेनदेन को रोकती है।
इस प्रकार, यदि आप एक ही दिन में 2 लाख रुपये से अधिक के सोने के आभूषण कैश में खरीदते हैं, तो आप आयकर कानून का उल्लंघन करेंगे। इस लेन-देन में जिसे कैश मिलेगा वो आयकर अधिनियम की धारा 271डी के तहत जुर्माना देगा। जुर्माना राशि नकद लेनदेन की राशि के बराबर होगी।
ज्वैलर क्या करेगा
जाहिर सी बात है कि जुर्माने का भुगतान कैश प्राप्त करने वाला करेगा, तो सोना खरीदने पर जौहरी ही जुर्माना देगा और वो 2 लाख रुपये से अधिक का नकद लेनदेन करने के लिए तैयार नहीं होगा।
कितने सोने की खरीदारी पर पैन जरूरी
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में खेतान एंड कंपनी की पार्टनर स्तुति गलिया के हवाले से बताया गया है कि इनकम टैक्स रूल्स, 1962 के नियम 114बी के तहत 2 लाख रुपये से अधिक का सोना खरीदने के लिए पैन डिटेल देना जरूरी है, फिर चाहे आप पेमेंट कैश करें या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से।
