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1 मई से तेल कार्टेल ओपेक से अलग हो जाएगा UAE; सऊदी अरब को बड़ा झटका, तेल में लगेगी आग!

संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 1 मई से तेल कार्टेल ओपेक से अलग हो जाएगा।

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यूएई ओपेक से हो रहा अलग।

OPEC: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच टकराव जारी है। जिसके कारण होर्मुज स्ट्रेट बाधित है और पूरी दुनिया तेल और गैस के संकट का सामना कर रही है। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)ने मंगलवार को OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने का ऐलान किया है। यूएई ने कहा कि वह 1 मई से तेल कार्टेल ओपेक से अलग हो जाएगा।

संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी सरकारी समाचार एजेंसी WAM के माध्यम से यह घोषणा की। जिससे तेल उत्पादक समूह और उसके प्रमुख सऊदी अरब को बड़ा झटका लगा है।

यूएई ने क्या कहा?

यूएई ने कहा कि यह निर्णय यूएई के दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण और विकसित हो रही ऊर्जा प्रोफाइल को दर्शाता है,जिसमें घरेलू ऊर्जा उत्पादन में त्वरित निवेश शामिल है। यूएई ने कहा कि हमारा निर्णय वैश्विक ऊर्जा बाजारों में एक जिम्मेदार,विश्वसनीय और दूरदर्शी भूमिका निभाने की उसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार को लगा है झटका

यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में ऐतिहासिक गिरावट देखी जा रही है और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी हुई है। UAE जैसे लंबे समय से सदस्य देश के बाहर होने से OPEC के भीतर असंतुलन और मतभेद बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्पादन कोटा और रणनीति पर समूह की एकजुटता कमजोर हो सकती है। वहीं, यह फैसला सऊदी अरब के लिए भी अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में सामने आया है जब संयुक्त अरब अमीरात का सऊदी अरब के साथ संघर्ष बढ़ता जा रहा है, खासकर आर्थिक मुद्दों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ यमन में चल रहे युद्ध को लेकर।

तेल उत्पादक देशों का एक समूह है ओपेक

कच्चे तेल के खेल में सबसे बड़ा खिलाड़ी 'ओपेक' (OPEC - Organization of the Petroleum Exporting Countries) है। यह सऊदी अरब, यूएई और ईरान जैसे तेल उत्पादक देशों का एक समूह है। इनके पास दुनिया के तेल भंडार का एक बड़ा हिस्सा है। जब ये देश मिलकर तय करते हैं कि तेल का उत्पादन कम करना है, तो बाजार में सप्लाई घट जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं। इसके अलावा रूस जैसे गैर-ओपेक देशों के साथ मिलकर बना 'OPEC+' समूह भी उत्पादन पर लगाम लगाकर या उसे बढ़ाकर वैश्विक कीमतों को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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