India Economic Conclave 2023: टाइम्स नेटवर्क के दो दिवसीय इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव का 9वां एडिशन आज से शुरू हो गया है। इस इवेंट की इस बार की थीम इंडियाः द थर्ड इमर्जिंग सुपरपावर है। आईईसी 2023 के पहले दिन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई अहम मुद्दों पर बात की है। टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने हुए बताया, “मैंने डेवेलपमेंट पर एक भाषण दिया था जो बहुत वायरल हुआ है और इसके लिए हर महीने मुझे यूट्यूब से बहुत पैसा मिलता है।”
इंडस्ट्री और बिजनेस बढ़ाना जरूरी
नितिन गडकरी ने कहा कि मैं कुछ समय पहले एनएचएआई के दफ्तर गया था जहां मैंने देरी से काम करने वाले अधिकारियों की जमकर धुलाई की। इसका वीडियो बहुत वायरल हो गया। अब हर महीने यूट्यूब से मुझे बहुत सारे पैसे मिलते हैं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आगे कहा, इंडस्ट्री और बिजनेस बढ़ाना जरूरी है। देश में गरीबी और बेरोजगारी के देखते हुए इंडस्ट्री को बढ़ाना जरूरी है। रोजगार निर्माण से ही गरीबी दूर होगी। हमारे देश की ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री सबसे बड़ी इंडस्ट्री है। जिसमें सबसे अधिक रोजगार है। इस क्षेत्र में हम तीसरे नंबर पर हैं। अमेरिका, चीन के बाद तीसरे नंबर पर हैं। चौथे नंबर पर जापान है। गडकरी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनोमी का सपना पूरा होगा।
रोड हमारे देश की संपत्ति है
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आगे कहा कि, मैं इंजीनियर नहीं हूं। मुंबई पुणे हाईवे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति से काम आगे बढ़ाता हूं। रोड हमारे देश की संपत्ति है। एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब निकले तो इंजीनियर की धुलाई करूंगा। इकोलॉजी और इंवायरमेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमने 50 हजार प्लांट लगाए हैं। हमने पराली से बिटुमिन बनाने का काम शुरू किया है और दिल्ली के करीब 20 लाख टन कचरे को सड़कों के अंदर डाला है। रबर टायर को इंपोर्ट करने की परमिशन नहीं थी, परमिशन दिलवाई। अब रोड में इसका उपयोग कर रहे हैं।
किसी राज्य सरकार से साथ कोई मतभेद नहीं
गडकरी ने कहा कि मैं ना तो किसी की सहायता करता हूं और ना ही किसी का विरोध। मैं सिर्फ देश के लिए काम करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास करना है, मैं इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहा हूं। दिल्ली विश्व का सबसे प्रदूषित शहर है, हमें दिल्ली से वायु प्रदूषण को खत्म करना है। ट्रैफिक कम करना है। हमने राज्य सरकार से साथ कोई मतभेद नहीं किया।
