Credit Card Minimum Amount Due: जब आपको क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट मिलता है, तो उसमें ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ (MAD) दिखती है यानी सबसे कम भुगतान जो जरूरी है। यह छोटे भुगतान से कुछ फायदे देता है, जैसे लेट फीस से बचाव, लेकिन इससे उच्च ब्याज और लंबा कर्ज बनने का जोखिम भी है। इसलिए क्रेडिट कार्ड यूजर्स को इसे समझकर ही भुगतान योजना बनानी चाहिए।
क्रेडिट कार्ड का ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ क्या है? (तस्वीर-Canva)
Credit Card Minimum Amount Due : हर महीने जब आपका क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट आता है, तो उसमें एक लाइन होती है ‘मिनिमम अमाउंट ड्यू’ (MAD)। यह वह सबसे कम राशि है जो आपको समय पर भुगतान करनी चाहिए। इस राशि का भुगतान करने के फायदे हैं, लेकिन इसके कुछ खतरे भी हैं। इसलिए हर क्रेडिट कार्ड यूजर को इसके बारे में समझना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इसके हिसाब से अपने क्रेडिट कार्ड बिल के रीपेमेंट की प्लानिंग कैसे करें।
मिनिमम पेमेंट करने के फायदे
खाता सही स्थिति में रहता है: अगर आप कम से कम राशि चुका देते हैं, तो लेट फीस नहीं लगती और आपका क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रहता है।
डेफॉल्ट रिपोर्टिंग से बचाव: अगर किसी समय पैसे की तंगी हो, तो कम से कम राशि देने पर आपका कार्ड डिफॉल्ट नहीं दिखेगा।
अल्पकालिक राहत: मिनिमम पेमेंट करने से आप थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं और अपने अगले खर्चों की योजना बनाने का समय मिल जाता है।
सिर्फ मिनिमम पेमेंट करने के जोखिम
सूद जल्दी बढ़ता है: बची हुई राशि पर उच्च ब्याज लगता है, जो 30–40% तक सालाना हो सकता है।
कर्ज के चक्र में फंसने का खतरा: अगर हमेशा मिनिमम ही चुकाते हैं, तो पूरी राशि चुकाने में कई साल लग सकते हैं और ब्याज और फीस आपकी कमाई को खा सकते हैं।
क्रेडिट स्कोर प्रभावित होता है: मिनिमम देने से डिफॉल्ट नहीं होता, लेकिन ज्यादा बकाया रखने से क्रेडिट-यूटीलाईजेशन बढ़ता है, जिससे भविष्य में लोन या अन्य क्रेडिट लेने में मुश्किल हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए सुझाव
पूरा बैलेंस चुकाने की कोशिश करें: इससे आप ब्याज मुक्त अवधि का लाभ लेते हैं और उच्च ब्याज से बचते हैं।
मिनिमम केवल जरूरत पड़ने पर दें: इसे नियमित भुगतान का तरीका न बनाएं।
क्रेडिट-यूटीलाईजेशन पर नजर रखें: इसे अपने लिमिट का 30% से कम रखना बेहतर होता है।
मिनिमम पेमेंट केवल अस्थायी समाधान है: इसे स्थायी वित्तीय योजना न समझें।
मिनिमम अमाउंट ड्यू देने से लेट फीस नहीं लगती और खाता सक्रिय रहता है, लेकिन इसे नियमित रूप से भुगतान करने का तरीका नहीं बनाना चाहिए। कर्ज के जाल में फंसने से बचने और क्रेडिट स्कोर सुरक्षित रखने के लिए, हमेशा कोशिश करें कि जितना संभव हो उतना पूरा स्टेटमेंट बैलेंस चुका दें।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है, अगर आप क्रेडिट कार्ड से जुड़े कोई भी फैसला लेते हैं तो एक्सपर्ट से संपर्क करें।)
रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें