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Trent का डबल धमाका! 600% डिविडेंड के साथ 1:2 बोनस शेयर, मुनाफा ₹1967 करोड़ पार

टाटा ग्रुप की रिटेल फैशन चेन जूडियो को चलाने वाली कंपनी TRENT ने निवेशकों के लिए डबल धमाका किया है। कंपनी ने Q4 नतीजों के साथ 600% डिविडेंड के साथ 1:2 बोनस शेयर ऑफर किया है1

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कमाई में हुआ इजाफा

Tata Trent Dividend and Bonus: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Limited ने निवेशकों को एक साथ दो बड़े तोहफे दिए हैं। कंपनी ने जहां 600% डिविडेंड का ऐलान किया है, वहीं 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर देने की भी घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी के शानदार नतीजों ने इस खबर को और दमदार बना दिया है।

600% डिविडेंड, हर शेयर पर मोटा फायदा

कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 600% डिविडेंड यानी ₹1 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹6 डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद AGM के बाद दिया जाएगा।

1:2 बोनस शेयर, निवेशकों की होल्डिंग बढ़ेगी

Trent ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर देने का ऐलान किया है। यानी हर 2 शेयर पर 1 अतिरिक्त शेयर मिलेगा। इससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। हालांकि, बोनस के बाद डिविडेंड को उसी अनुपात में एडजस्ट किया जाएगा।

मुनाफा ₹1967 करोड़, कमाई में जबरदस्त उछाल

कंपनी के फाइनेंशियल्स भी बेहद मजबूत रहे हैं। FY26 में Trent का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹1967.82 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1584.84 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर जोरदार ग्रोथ देखने को मिली है।

रेवेन्यू भी रिकॉर्ड स्तर पर

कंपनी की कुल आय FY26 में ₹20,075 करोड़ से ज्यादा रही, जबकि ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹19,701 करोड़ के करीब पहुंच गया। यह पिछले साल के ₹16,668 करोड़ के मुकाबले मजबूत उछाल है।

रिटेल बिजनेस बना ग्रोथ का इंजन

Trent का मुख्य कारोबार रिटेल और मर्चेंडाइज ट्रेडिंग है, जहां कंपनी लगातार विस्तार कर रही है। फैशन और लाइफस्टाइल सेगमेंट में मजबूत डिमांड के चलते कंपनी की ग्रोथ बनी हुई है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

डिविडेंड और बोनस शेयर का कॉम्बिनेशन आमतौर पर निवेशकों के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है। यह कंपनी के मजबूत कैश फ्लो और कॉन्फिडेंस को दिखाता है। Trent के केस में मजबूत नतीजे, बढ़ता रेवेन्यू और शेयरहोल्डर रिवार्ड्स इसे रिटेल सेक्टर का एक मजबूत खिलाड़ी बनाते हैं। हालांकि, निवेश से पहले वैल्यूएशन और मार्केट ट्रेंड पर नजर रखना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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