ET NOW Global Business Summit 2026 : केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने ET NOW ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 में अपने संबोधन के दौरान भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और हालिया सुधारों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आने वाले कुछ वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर कम से कम 30 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जबकि प्रति व्यक्ति आय करीब 20,000 डॉलर तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील और एफटीए की वजह से टेक्सटाइल सेक्टर में 70 से 80 लाख रोजगार पैदा होंगे।
टेक्सटाइल सेक्टर और ट्रेड डील पर क्या कहा?
पीयूष गोयल ने टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर कहा कि लंबे समय से इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है कि भारत का टेक्सटाइल सेक्टर ग्रो नहीं कर रहा है। इस मामले में भारत वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों से भी मुकाबला नहीं कर पा रहे थे। लेकिन, FTA के तहत अब टेक्सटाइल सेक्टर के लिए यूरोप का बाजार खुला है, अब भारतीय टेक्सटाइट इंडस्ट्री भी बिना किसी ड्यूटी के और यूरोप और अमेरिका में अपने प्रोडक्ट बेच पाएगी। गोयल ने कहा कि ट्रेड डील और FTA की वजह से टेक्सटाइल सेक्टर में 70 से 80 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर बात करते हुए कहा, भारत ने सभी ट्रेड डील अपनी शर्तों पर की हैं। उन्होंने कहा भारत जिन विकसित देशों के साथ FTA या ट्रेड डील कर रहा है, वे हमें जरूरत की चीजों के अलावा कुछ भी नहीं बेच सकते हैं। उन्होंने कहा, भारत की पर कैपिटा इनकम फिलहाल 3 हजार डॉलर के आसपास है, जबकि इन देशों की पर कैपिटा 1 लाख डॉलर के आसपास है।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स में बड़ी उपलब्धियां
गोयल ने बताया कि पिछले 6-7 महीनों में भारत ने न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, ओमान और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ पांच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, साथ ही अमेरिका के साथ एक अंतरिम व्यापार समझौता भी हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत-EFTA समझौता है, जिसमें स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टाइन, नॉर्वे और आइसलैंड शामिल हैं। इस समझौते के तहत 100 अरब डॉलर के FDI का कानूनी रूप से बाध्यकारी वादा किया गया है। यदि तय समयसीमा में निवेश नहीं होता है, तो भारत रियायतें वापस ले सकता है। यह वैश्विक स्तर पर एक अनूठी व्यवस्था मानी जा रही है। ब्रिटेन के साथ समझौते में भारतीय कामगारों के लिए डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन शामिल है, जिसके तहत वहां काम करने वाले भारतीयों का भविष्य निधि अंशदान उनके भारतीय खातों में जमा होगा।
संतुलित और पारस्परिक लाभ पर जोर
गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत के सभी व्यापार समझौते निष्पक्ष, संतुलित और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ‘विन-विन’ स्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और वैश्विक मंच पर उसकी स्थिति और सशक्त बने। उन्होंने भरोसा जताया कि सुधारों, निवेश और वैश्विक साझेदारियों के बल पर भारत आने वाले दशकों में आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
बजट 2025 के बड़े सुधार
गोयल ने बजट 2025 में किए गए अहम फैसलों को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये और वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 12.75 लाख रुपये कर दी गई है। इससे लोगों के हाथ में अधिक पैसा बचेगा और खपत बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। इसके अलावा, वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली को और सरल बनाने के लिए सुधार जारी हैं। सरकार विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमाओं में भी संशोधन कर रही है ताकि अधिक से अधिक वैश्विक निवेश भारत में आ सके। श्रम सुधारों को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है, जिससे उद्योग और श्रमिक दोनों को लाभ होगा।
